दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए दिवाली का तोहफा: दुर्गा स्कीम से बदलेगी तस्वीर, मिलेंगे 1300 ई-ऑटो परमिट व्यापार 5 घंटे पहले 2
दिल्ली सरकार दिवाली के अवसर पर एक नई दुर्गा स्कीम शुरू करने जा रही है, जिसके तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को 1300 इलेक्ट्रिक ऑटो के परमिट दिए जाएंगे ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

दिल्ली सरकार की नई सौगात

राजधानी दिल्ली में रहने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए दिवाली का यह त्योहार खुशियों की एक नई सौगात लेकर आने वाला है। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने एक क्रांतिकारी योजना दुर्गा स्कीम को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, बल्कि महिलाओं और ट्रांसजेंडरों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलना भी है। यह स्कीम आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

दुर्गा स्कीम का पूरा विवरण

दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की जा रही इस विशेष योजना को 'दुर्गा' नाम दिया गया है, जिसका पूरा अर्थ 'Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green e-Auto' है। इस योजना के अंतर्गत दिल्ली के सभी 13 जिलों में कुल 1,300 ई-ऑटो परमिट वितरित किए जाएंगे। इनमें से 90 प्रतिशत परमिट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जबकि शेष 10 प्रतिशत परमिट ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों को आवंटित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल उनकी आमदनी का एक मजबूत जरिया बनेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में भी उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

कैबिनेट से मंजूरी का इंतजार

योजना से जुड़े एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि स्कीम का खाका पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। वर्तमान में इसे संबंधित प्रशासनिक औपचारिकताओं के साथ कैबिनेट के पास भेजा जा रहा है। जैसे ही कैबिनेट इसे मंजूरी प्रदान करेगी, सरकार आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा कर देगी। संभावना जताई जा रही है कि दिवाली के पावन अवसर पर दिल्ली सरकार इसे एक उपहार के रूप में पेश कर सकती है।

ई-ऑटो और यात्रियों के लिए खास सुविधा

सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है। लाभार्थियों को ई-ऑटो चलाने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट दिया जाएगा। इन ई-ऑटो चालकों को सवारी खोजने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए सरकार इन्हें ऑनलाइन कैब और ऑटो एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ने की योजना बना रही है। इससे यात्री आसानी से अपने मोबाइल के जरिए ऑटो बुक कर सकेंगे और चालकों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। उन्हें सड़क किनारे या स्टैंड पर सवारियों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

आवेदन की पात्रता और नियम

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ निश्चित मापदंड तय किए गए हैं ताकि सही लाभार्थियों तक यह मदद पहुँच सके:

  • आवेदक महिला या ट्रांसजेंडर की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • एक परिवार से केवल एक ही महिला इस योजना के लिए आवेदन करने के पात्र होगी।
  • आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास पहले से कोई भी तीन पहिया वाहन नहीं होना चाहिए।
  • यदि विवाहित महिला आवेदन करती है, तो उसके बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।

आवेदन प्रक्रिया के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। चयन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अंतिम आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहन

लाभार्थियों को दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026-30 के तहत कई प्रकार की राहत और सहायता दी जाएगी। इसमें प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • ई-ऑटो खरीदने पर पहले साल में 50,000 रुपये का विशेष खरीद प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
  • नीति की पूरी अवधि के दौरान ई-ऑटो को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
  • चालकों को एक विशेष 'दुर्गा' जैकेट, कैप और पहचान पत्र दिए जाएंगे ताकि उनकी अलग पहचान हो सके।
  • ई-ऑटो पर महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर और अन्य जरूरी आपातकालीन संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से लिखे होंगे।

चार्जिंग और पार्किंग की व्यवस्था

सरकार इन इलेक्ट्रिक ऑटो को शहर के अधिक मांग वाले इलाकों, जैसे कि दिल्ली मेट्रो स्टेशनों और आरआरटीएस स्टेशनों के आसपास संचालित करने की प्राथमिकता देगी। इन स्थानों के समीप ई-ऑटो के लिए पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन और विशेष पार्किंग की जगह भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे चालकों को चार्जिंग की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगी, बल्कि शहर की बेटियों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाकर उनके जीवन को नई दिशा देगी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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