धर्म
2 घंटे पहले
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जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग
भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए जन्माष्टमी का त्योहार साल का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा। अयोध्या के जाने-माने ज्योतिषी पंडित कल्कि राम के अनुसार, इस बार जन्माष्टमी पर एक अत्यंत दुर्लभ नक्षत्रीय संयोग देखने को मिल रहा है, जो इसे और भी विशेष बनाता है।
ज्योतिषीय मान्यता और प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था, तब आकाश में रोहिणी नक्षत्र मौजूद था और चंद्रमा वृष राशि में स्थित था। पंडित कल्कि राम का कहना है कि इस साल जन्माष्टमी के अवसर पर ठीक वैसी ही खगोलीय स्थिति बनती हुई दिखाई दे रही है। इस तरह का संयोग काफी समय बाद देखने को मिलता है, जिसे पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
लड्डू गोपाल के लिए खास उपाय
जो श्रद्धालु लड्डू गोपाल को अपना आराध्य मानते हैं, उन्हें इस दिन विशेष सतर्कता और भक्ति के साथ पूजा करनी चाहिए। पंडित कल्कि राम ने भक्तों को एक महत्वपूर्ण उपाय सुझाया है:
- जन्माष्टमी के दिन शाम को जब सूर्यास्त हो जाए, तब अपने घर के पूजा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के सुंदर चित्र या लड्डू गोपाल की प्रतिमा को ससम्मान स्थापित करें।
- विधि-विधान के साथ की गई यह पूजा घर में सुख और समृद्धि लाने वाली मानी जाती है।
भक्तों को सलाह दी गई है कि इस दुर्लभ समय का लाभ उठाकर पूरी श्रद्धा से कृष्ण भक्ति में लीन रहें और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।
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