छत्तीसगढ़: मोबाइल पर रील देखते समय इंटरनेट बंद होने से भड़की महिला, कीटनाशक पीकर जान दी छत्तीसगढ़ 3 घंटे पहले 2
कोरबा जिले में एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 52 वर्षीय महिला ने मोबाइल में इंटरनेट बंद होने के गुस्से में कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले काफी समय से एक गंभीर शारीरिक बीमारी से भी जूझ रही थीं।

कोरबा में मोबाइल को लेकर बड़ा विवाद

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सबको चौंका कर रख दिया है। करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव में एक 52 वर्षीय महिला ने केवल इसलिए अपनी जान दे दी क्योंकि मोबाइल पर रील देखते समय इंटरनेट अचानक बंद हो गया। मृतका की पहचान मंगलो बाई के रूप में की गई है, जो अपने पति प्रेमलाल सारथी और तीन बच्चों के साथ रहती थीं। प्रेमलाल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

घटना का पूरा विवरण

परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 सितंबर, 2026 को दोपहर के करीब 12 बजे हुई। मंगलो बाई को मोबाइल पर रील देखने और टीवी सीरियल देखने का काफी शौक था। उस दिन दोपहर का भोजन करते समय वह अपने फोन पर रील देख रही थीं। अचानक इंटरनेट नेटवर्क चला गया और रील चलना बंद हो गई। महिला ने काफी समय तक नेटवर्क के वापस आने का इंतजार किया, लेकिन जब इंटरनेट नहीं चला तो वह बुरी तरह भड़क गईं।

गुस्से में उठाया खौफनाक कदम

गुस्से की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उन्होंने अपना मोबाइल फोन जमीन पर पटक दिया, जिससे वह पूरी तरह टूट गया। इसके तुरंत बाद वह घर के एक कमरे के अंदर चली गईं और दरवाजा बंद कर लिया। कमरे में जाने के करीब 10 मिनट बाद वह बाहर निकलीं और घर के बरामदे में जाकर बैठ गईं। कुछ देर बीतने के बाद उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं।

परिजन कैसे पहुंचे सच तक

शुरुआत में परिवार के सदस्यों को लगा कि यह कोई सामान्य बीमारी या तबीयत खराब होने का मामला है। हालांकि, जब उल्टियों से कीटनाशक जैसी तेज और अजीब गंध आने लगी, तो परिजनों को गहरा संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत मंगलो बाई के कमरे की तलाशी ली, जहां उन्हें एक खाली डिब्बा मिला जो कीटनाशक का था। यह स्पष्ट हो गया कि महिला ने गुस्से के आवेग में जहरीला पदार्थ निगल लिया है।

अस्पताल में उपचार और दुखद अंत

परिजनों ने तत्काल प्रभाव से डायल-112 की सहायता ली और महिला को करतला स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन जहर का असर इतना गहरा था कि उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान ही मंगलो बाई ने दम तोड़ दिया।

बीमारी से थी मानसिक परेशानी

जांच और परिजनों के बयानों से एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। मृतका मंगलो बाई पिछले काफी समय से हाथ-पैर फूलने की बीमारी से ग्रसित थीं। तमाम इलाज के बावजूद उन्हें उस बीमारी में कोई खास राहत नहीं मिल पा रही थी। परिजनों का मानना है कि बीमारी की वजह से वह पहले ही मानसिक रूप से काफी परेशान और आहत थीं। मोबाइल के इंटरनेट बंद होने की घटना ने उनके संयम को तोड़ दिया और उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

विशेषज्ञों की राय और सावधानी

इस पूरी घटना को लेकर मनोवैज्ञानिक डॉ. अंकित गुप्ता का कहना है कि आज के दौर में मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल मानसिक समस्याओं को जन्म दे रहा है। लगातार स्क्रीन के साथ जुड़े रहने से लोगों में गुस्सा, चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति कई बार बहुत आक्रामक हो जाता है और गुस्से में खुद को गंभीर नुकसान पहुंचा बैठता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक तनाव या आत्महत्या के विचारों से जूझ रहा है, तो उसे तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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