पश्चिम बंगाल
2 घंटे पहले
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बैरकपुर क्षेत्र में टीएमसी की पकड़ कमजोर
पश्चिम बंगाल में हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर ब्लॉक-2 स्थित शिउली ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस को करारा झटका लगा है। पंचायत के प्रधान अरुण कुमार घोष समेत कुल 8 सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सभी सदस्यों ने बीडीओ कार्यालय पहुंचकर विधिवत अपना त्यागपत्र सौंपा।
जनादेश का सम्मान करने का तर्क
इस्तीफा देने वाले पूर्व प्रधान अरुण कुमार घोष ने बताया कि यह फैसला विधानसभा चुनाव में जनता द्वारा दिए गए जनादेश के सम्मान में लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता ने टीएमसी के खिलाफ मतदान किया है, इसलिए वे पद पर बने रहने का नैतिक आधार खो चुके हैं। शिउली ग्राम पंचायत में कुल 30 सीटें हैं, जिनमें से 29 सदस्यों में अब तक टीएमसी के 24, भाजपा के 3 और वाम मोर्चा के 2 सदस्य थे। इस सामूहिक इस्तीफे के बाद पंचायत की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया है।
नैहाटी नगर पालिका में भी सियासी हलचल
इस्तीफों का यह दौर केवल ग्राम पंचायत तक सीमित नहीं है। उत्तर 24 परगना जिले की नैहाटी नगर पालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी ने भी शनिवार रात ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेज दिया है। उनके पद छोड़ने से पहले ही नगर पालिका के 2 पार्षद भी पार्टी से किनारा कर चुके हैं। अशोक चटर्जी का इस्तीफा टीएमसी के लिए एक और बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में और टूटेंगे नेता
अरुण कुमार घोष ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस के कई और स्थानीय नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं या अपने पदों से इस्तीफा दे सकते हैं। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही टीएमसी का स्थानीय निकायों पर नियंत्रण तेजी से घट रहा है। इससे पहले मोहनपुर पंचायत और बैरकपुर नगर पालिका के बोर्ड भी भंग किए जा चुके हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रहे इन इस्तीफों के कारण नागरिक सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और मानसून से ठीक पहले कई इलाकों में कामकाज ठप पड़ गया है।
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