झारखंड
एक घंटा पहले
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Jhanda Chowk पर उपलब्ध है समाधान
आज के भागदौड़ भरे जीवन में अगर अचानक घर, बाइक या स्कूटी की चाबी खो जाए, तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोडरमा के Jhanda Chowk पर बैठने वाले Sanjay Kumar पिछले 20 वर्षों से अपनी इस कला से लोगों की मुश्किल आसान कर रहे हैं। उन्होंने यह हुनर अपने पिता से सीखा है और आज वे बिना मूल चाबी के भी डुप्लीकेट चाबी बनाने में सक्षम हैं।
कैसे तैयार होती है नई चाबी
Sanjay Kumar चाबी बनाने की प्रक्रिया को तकनीकी और बारीकी का काम मानते हैं। इसकी प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है:
- सबसे पहले ताले की मोटाई और मेटल प्रोफाइल के मुताबिक एक खाली चाबी चुनी जाती है।
- ताले में चाबी डालकर उसे प्लास से घुमाने का दबाव दिया जाता है, जिससे ताले की पिन चाबी पर निशान छोड़ती है।
- इन निशानों को फाइल टूल की मदद से धीरे-धीरे घिसा जाता है।
- यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है जब तक ताला आसानी से न खुल जाए।
इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर केवल 5 से 10 मिनट का समय लगता है।
होम सर्विस की सुविधा
अगर कोई व्यक्ति घर या दुकान का ताला बंद होने के कारण फंस जाता है, तो Sanjay मौके पर जाकर भी सेवा देते हैं। इसके लिए सामान्य शुल्क के अलावा 100 रुपये अतिरिक्त लिए जाते हैं। शुल्क की जानकारी इस प्रकार है:
- दोपहिया वाहन की डुप्लीकेट चाबी का शुल्क 120 रुपये है।
- घर के सामान्य ताले की चाबी 100 रुपये प्रति पीस में बनाई जाती है।
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