ओंकारेश्वर मंदिर में रक्तदान से मिल रहे फ्री वीआईपी दर्शन, 4 महीने में जमा हुआ 2300 यूनिट ब्लड मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 43
मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में एक अनोखी पहल शुरू की गई है, जहाँ रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष वीआईपी दर्शन की सुविधा दी जा रही है। इस योजना ने चार महीनों में ही बड़ी सफलता हासिल करते हुए 2300 यूनिट रक्त एकत्र किया है।

धार्मिक आस्था और मानवता की अनूठी मिसाल

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में इन दिनों आस्था के साथ-साथ मानव सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई एक नई पहल ने श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया है। इस योजना के तहत, जो भक्त मंदिर परिसर में रक्तदान करते हैं, उन्हें मंदिर प्रशासन की ओर से फ्री वीआईपी दर्शन की विशेष सुविधा दी जा रही है। इस मुहिम का प्राथमिक उद्देश्य दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों और अस्पताल में भर्ती जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

कैसे काम करती है यह योजना

इस सराहनीय मुहिम के नियम बेहद सरल और प्रभावी हैं। मंदिर परिसर में समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में जो श्रद्धालु स्वैच्छिक रक्तदान करते हैं, उन्हें प्रशासन की ओर से एक आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। मंदिर ट्रस्ट इसी प्रमाण पत्र को आधार मानकर श्रद्धालुओं को वीआईपी पास जारी करता है। इस पास का लाभ यह है कि भक्त को लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे सीधे वीआईपी मार्ग से भगवान के दर्शन कर पाते हैं। इस पहल ने दर्शन की प्रक्रिया को न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाया है, बल्कि एक नेक काम को भी प्रोत्साहित किया है।

4 महीने में हासिल की बड़ी उपलब्धि

यह विशेष अभियान इसी साल फरवरी के महीने में शुरू किया गया था। शुरुआत के बाद से ही श्रद्धालुओं ने इसमें बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। केवल चार महीनों की छोटी सी अवधि में अब तक कुल 2300 यूनिट ब्लड एकत्रित किया जा चुका है। यह सारा रक्त खंडवा जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में भेजा जा रहा है, जहाँ से इसे गंभीर मरीजों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस उपलब्धि ने जिला प्रशासन के प्रयासों को नई पहचान दी है।

अस्पताल में दूर हुई खून की कमी

खंडवा मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के लिए यह पहल किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई है। आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल को रोजाना करीब 80 यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है। इस योजना से पहले, एक्सचेंज के माध्यम से केवल 50 से 55 यूनिट रक्त ही मिल पाता था, जिससे विशेष रूप से सड़क हादसों में घायल हुए मरीजों के इलाज में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।

खंडवा के कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि ओंकारेश्वर में हर सप्ताहांत यानी वीकेंड पर 50 से 60 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन की उम्मीद से कहीं अधिक परिणाम इस पहल को मिले हैं। अब खंडवा जिला न केवल अपनी स्वयं की रक्त संबंधी जरूरतों को पूरा कर पा रहा है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आसपास के अन्य जिलों की मांग को भी पूरा करने की स्थिति में आ गया है।

अन्य ज्योतिर्लिंगों के लिए प्रेरणा

मांधाता के विधायक नारायण पटेल ने भी इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था देश के किसी अन्य ज्योतिर्लिंग मंदिर में नहीं है। यह योजना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि किस तरह आस्था का उपयोग कर समाज में बड़े और सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। इससे एक तरफ भक्तों को दर्शन की सुविधा मिल रही है, तो दूसरी तरफ समाज सेवा का पुनीत कार्य भी संपन्न हो रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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