यूट्यूब की मदद से बदला भाग्य, खंडवा के किसान ने शुरू की गुलाब की खेती, कश्मीर की खुशबूदार वैरायटी से हो रहा बंपर मुनाफा मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के खंडवा में एक किसान ने पारंपरिक फसलों के नुकसान से बचने के लिए यूट्यूब की मदद से कश्मीरी गुलाब की खेती शुरू की है, जिससे वे रोजाना बंपर कमाई कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में खेती-किसानी के तौर-तरीकों में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां के किसान अब गेहूं, चना, सोयाबीन और प्याज जैसी पारंपरिक फसलों में लगातार बढ़ती लागत और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से परेशान हो चुके हैं। इस नुकसान और अनिश्चितता से उबरने के लिए कुछ प्रगतिशील किसानों ने नई तकनीकों और फूलों की खेती को अपनी कमाई का नया जरिया बनाना शुरू कर दिया है।

यूट्यूब की मदद से कश्मीरी गुलाब की खेती

खंडवा जिले के रहने वाले ऐसे ही एक किसान हैं केशव लेवा, जिन्होंने लीक से हटकर कुछ नया करने का प्रयास किया। केशव ने यूट्यूब की मदद से एक नया आइडिया लिया और अपनी करीब एक एकड़ जमीन पर कश्मीर की खुशबूदार वैरायटी वाले गुलाब के पौधे लगाने का फैसला किया। उन्होंने अपनी इस जमीन पर लगभग 2000 गुलाब के पौधे लगाए हैं, जो अब पूरी तरह तैयार होकर उन्हें मुनाफा दे रहे हैं।

स्थानीय बाजार में गुलाब की भारी मांग

किसान केशव लेवा के अनुसार, गुलाब के फूलों की तुड़ाई का काम प्रतिदिन किया जाता है। खास बात यह है कि स्थानीय बाजार में इन फूलों की मांग हर सीजन में बनी रहती है। कश्मीरी गुलाब के इन बेहद खुशबूदार फूलों का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित अवसरों पर बड़े पैमाने पर होता है:

  • शादी-ब्याह और पारिवारिक उत्सवों में
  • विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में
  • सजावट और मंच की शोभा बढ़ाने में
  • अन्य विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में

इन सभी आयोजनों में गुलाब के फूलों की भारी खपत होने की वजह से किसान केशव को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ता है। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बहुत आसानी से बड़ा बाजार और अच्छे खरीदार मिल जाते हैं, जिससे उनकी रोजाना की आमदनी सुनिश्चित हो गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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