ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में डूब रहा था बीटेक छात्र, बचाव दल की तत्परता से बची जान मध्य प्रदेश एक महीने पहले 55
मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में स्नान के दौरान गहरे पानी में फंसा बीटेक का छात्र बाल-बाल बच गया। स्थानीय गोताखोरों और बचाव टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसकी जान बचाई।

ओंकारेश्वर में टला बड़ा हादसा

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के घाटों पर शनिवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। नर्मदा नदी के तेज बहाव और गहरे पानी के कारण स्नान करने के लिए उतरे एक बीटेक छात्र की जान खतरे में पड़ गई थी। छात्र पानी में डूबने ही वाला था कि वहां मौजूद स्थानीय युवाओं, प्रशिक्षित गोताखोरों और एसडीईआरएफ के जवानों ने फुर्ती दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी की वजह से एक बड़ी अनहोनी समय रहते रुक गई। नदी से सुरक्षित निकाले जाने के बाद छात्र को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया और फिर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बचाव दल को संघर्ष करते हुए छात्र को पानी से बाहर निकालते हुए साफ देखा जा सकता है।

दर्शन करने पहुंचा था छात्र

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 18 वर्षीय छात्र कल्याण तेलंगाना का रहने वाला है। वह अपने 6 दोस्तों के साथ भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचा था। सभी छात्र गुजरात स्थित पारुल यूनिवर्सिटी में बीटेक के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। मंदिर में दर्शन करने के बाद, ये सभी मित्र नर्मदा नदी के घाट पर स्नान करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान, नहाते समय कल्याण का संतुलन बिगड़ा और वह अचानक गहरे पानी की चपेट में आकर डूबने लगा। साथी छात्रों ने उसे डूबते देखा तो वे घबरा गए और मदद के लिए जोर-जोर से शोर मचाने लगे।

बचाव टीम की तत्परता आई काम

छात्रों की चीख-पुकार सुनकर घाट पर तैनात स्थानीय युवक, कुशल गोताखोर और एसडीईआरएफ की टीम तुरंत हरकत में आ गई। बचाव दल के सदस्य बिना किसी देरी के नर्मदा नदी में कूदे और कड़ी मशक्कत के बाद छात्र को गहरे पानी से बाहर निकालने में सफल रहे। छात्र की हालत को देखते हुए उसे मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए नजदीकी अस्पताल भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि बचाव टीम के मौके पर मौजूद होने के कारण छात्र को नई जिंदगी मिल सकी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने ओंकारेश्वर के घाटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। घटनास्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं ने बचाव दल के साहस की तो खूब तारीफ की, लेकिन स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि तीर्थनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध होने चाहिए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सभी महत्वपूर्ण घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी नियुक्ति, चेतावनी देने वाले बोर्ड, सुरक्षा उपकरण और गहरे स्थानों पर बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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