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एक घंटा पहले
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भारी बारिश से केरल में कोहराम
केरल में पिछले कुछ घंटों से जारी भारी बारिश ने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। राज्य के मध्य हिस्से के कई जिले जलमग्न हो गए हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं से तबाही का मंजर दिख रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित इडुक्की जिला रहा है, जहां शनिवार की सुबह हुए एक भीषण भूस्खलन ने एक परिवार को तबाह कर दिया। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, अडूरमाला क्षेत्र में मलबे के नीचे दबने से सुमति नामक महिला की मौत हो गई। भूस्खलन का मलबा सीधे उनके घर पर गिरा, जिससे मकान पूरी तरह ढह गया। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 3 लोगों की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। देश के कई हिस्सों के साथ केरल के लिए भी भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पति और बेटे को मिली नई जिंदगी
हादसे के समय सुमति के घर में उनके पति रवि और बेटा भी मौजूद थे। गनीमत रही कि स्थानीय निवासियों ने समय रहते मोर्चा संभाला और दोनों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गंभीर रूप से घायल दोनों लोगों को तुरंत थोडुपुझा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। सुमति के शव को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और अग्निशमन सेवा की टीमों ने मिलकर एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया। इडुक्की के ही वागामोन इलाके में एक और घर के भूस्खलन की चपेट में आने की सूचना है। वहां एक व्यक्ति के मलबे में फंसे होने की आशंका है, जिसे बचाने के लिए राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
बांधों के गेट खोलने की तैयारी और परिवहन पर असर
भारी बारिश के कारण सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। कट्टप्पना-वाझवारा मार्ग को एहतियात के तौर पर पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वहीं, पुल्लाकयार नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे कोक्कायार का निचला पुल पानी में डूब चुका है। रिहायशी इलाकों में पानी घुसने के कारण कई परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। इडुक्की के वंदीपेरियार में छोट्टुपारा नाले के उफान पर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग-183 का एक हिस्सा जलमग्न हो गया है। नेल्लिमाला मार्ग के अवरुद्ध होने से वाहनों की आवाजाही ठप है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने छोटे बांधों के गेट खोलने का निर्णय लिया है ताकि पानी के दबाव को नियंत्रित किया जा सके।
कोट्टायम में बाढ़ जैसे भयावह हालात
इडुक्की के पड़ोसी जिले कोट्टायम में भी स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इरट्टुपेट्टा, कंजीरापल्ली, कूट्टिकल और एरुमेली जैसे क्षेत्र पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण यातायात बाधित है और लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। पूंजार के पय्यानिथोट्टम में हुए भूस्खलन में एक युवक जोसेफ की जान चली गई। जोसेफ को मलबे से बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। उसकी मां भी मलबे में दबी हुई है, जिसकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। इसके अलावा, वागामोन में प्रभाकरण नायर नामक व्यक्ति की भी भूस्खलन में मौत हो गई।
इरट्टुपेट्टा में जलजमाव
इरट्टुपेट्टा शहर में बीती रात से ही पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है। नडक्कल और मुरिक्कोली जैसे इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। पथनमथिट्टा जिले की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां विधायक पझाकुलम मधु ने सोशल मीडिया पर बताया कि रन्नी के पास बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
IMD का अलर्ट और प्रशासन की तैयारी
भारत मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ में ऑरेंज अलर्ट है। प्रशासन ने सभी राहत दलों को हाई अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के मद्देनजर कई जिलों में स्कूलों को भी बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
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