केरल में गौर के हमले से व्यक्ति की मौत, गम में डूबे चचेरे भाई ने भी तोड़ा दम भारत 4 घंटे पहले 2
केरल के कोझिकोड जिले में एक गौर के हमले ने दो परिवारों को उजाड़ दिया, जहां सुनील की मौत के बाद सदमे से उसके चचेरे भाई की भी जान चली गई। ग्रामीण अब मुआवजे और जंगली जानवरों के खतरे से स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हैं।

गौर के हमले से कोझिकोड में फैली सनसनी

केरल के कोझिकोड जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जंगली जानवर गौर के हमले में एक व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी। इस हादसे के बाद शोक और सदमे का आलम यह रहा कि पीड़ित के चचेरे भाई को हार्ट अटैक आ गया और उनकी भी मौत हो गई। इस दोहरी त्रासदी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग को लेकर अड़ गए हैं और शवों के अंतिम संस्कार से साफ इनकार कर दिया है।

गौर को खदेड़ने के दौरान हुआ जानलेवा हमला

यह दुखद घटना शनिवार को सामने आई। मृतक सुनील, जिनकी उम्र 40 साल थी, विलंगड की वायाड कॉलोनी के रहने वाले थे। शनिवार के दिन सुनील वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर एक रिहायशी इलाके में घुस आए गौर के झुंड को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में जुटे थे। इसी दौरान, झुंड में शामिल एक आक्रामक गौर ने सुनील पर जोरदार हमला कर दिया। इस हमले में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।

भाई की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका परिवार

घटना के बाद शनिवार की रात को करीब 11 बजे पोस्टमार्टम के बाद सुनील का शव उनके घर लाया गया। शव को घर पहुँचते ही मातम पसर गया। केरल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुनील की मौत से गहरा आघात उनके चचेरे भाई विजेश को लगा। वे इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्हें दिल का दौरा पड़ गया, जिससे उनकी भी जान चली गई। एक ही दिन में परिवार के दो सदस्यों के चले जाने से पूरा इलाका सदमे में है।

ग्रामीणों की मांग, स्थायी समाधान और मुआवजा

इलाके के ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उनका कहना है कि जब तक इस क्षेत्र में जंगली जानवरों विशेषकर गौर के खतरे का कोई स्थायी हल नहीं निकलता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने सुनील के पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि गौर अब रिहायशी इलाकों में आकर आक्रामक हो चुके हैं और आसपास घूम रहे हैं, जिससे उनकी जान का खतरा बना हुआ है और फसलों को भी भारी नुकसान हो रहा है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और मुआवजे का आश्वासन

स्थानीय विधायक के. एम. अभिजीत ने इस विषय पर बयान देते हुए कहा कि हमला करने वाले गौर की पहचान करना प्राथमिकता है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने शनिवार रात अधिकारियों के साथ बैठक की और ग्रामीणों की मांगों को सुना। विधायक ने स्पष्ट किया कि सरकार समाधान के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। सरकारी नियमों के तहत इस प्रकार के मामलों में 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इस राशि की पहली किस्त के तौर पर 5 लाख रुपये परिवार को जल्द ही दिए जाएंगे।

वन विभाग की कार्रवाई जारी

वर्तमान में वन विभाग की टीम ने क्षेत्र से जंगली जानवरों को खदेड़ने का अभियान शुरू कर दिया है ताकि लोग सुरक्षित रह सकें। इसी तरह की एक अन्य हृदयविदारक घटना का जिक्र करते हुए अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में छत्तीसगढ़ के कांकेर से भी खबर आई थी, जहां स्कूल के पीछे छिपे भालू ने एक परिवार को उजाड़ दिया था और दो सगे भाई-बहनों की मौत हो गई थी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप