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एक घंटा पहले
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वीर सावरकर पर क्विज से शुरू हुआ विवाद
केरल के कासरगोड में एक सरकारी विद्यालय के शिक्षक के निलंबन ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विवादों में घिरे शिक्षक की पहचान गुरु प्रसाद के तौर पर हुई है। मामला तब सामने आया जब शिक्षक के नेतृत्व में गठित एक समिति ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी एक प्रश्नोत्तरी आयोजित की। इस क्विज में एक सवाल ऐसा था जिसमें वीर सावरकर की सराहना की गई थी। इस घटना के सामने आने के तुरंत बाद राज्य में घमासान मच गया।
निलंबन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इस प्रश्न के सामने आने के बाद मुस्लिम लीग और CPM ने शिक्षक की समिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इन दलों का आरोप है कि इस प्रकार के सवालों के जरिए राज्य में RSS की विचारधारा का प्रसार करने का प्रयास किया जा रहा है। इस भारी हंगामे और दबाव के बाद शिक्षा विभाग के उप निदेशक ने शिक्षक गुरु प्रसाद को निलंबित करने का सख्त आदेश जारी कर दिया। शिक्षक की कार्रवाई के बाद कासरगोड में स्थिति गरमा गई है।
शिक्षा मंत्री के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल
शिक्षक को पद से हटाने के निर्णय के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को जब राज्य के शिक्षा मंत्री शम्सुद्दीन एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कासरगोड पहुंचे, तो वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की। अधिवक्ता BL अश्विनी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने मंत्री के काफिले के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाना पड़ा। भाजपा ने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है कि जब तक गुरु प्रसाद का निलंबन वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
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