निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के दफ्तर में एसआईटी की दबिश, ताला तोड़कर जुटाए गए अहम डिजिटल सबूत मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 4
कटनी के चर्चित जमीन सौदेबाजी मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। जिला अदालत से जमानत खारिज होने के बाद एसआईटी ने उनके कार्यालय की तलाशी लेकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

कार्यालय का ताला तोड़कर पहुंची जांच टीम

मध्य प्रदेश के कटनी में जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग से जुड़े बहुचर्चित मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें अब और अधिक बढ़ गई हैं। जिला अदालत द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किए जाने के बाद, मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। रविवार को एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआईटी टीम कटनी स्थित सीएसपी कार्यालय पहुंची। जांच टीम ने निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सील बंद कार्यालय का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। इसके बाद टीम ने कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाना था।

महत्वपूर्ण दस्तावेजों की हुई जब्ती

इस छापेमारी के दौरान एसआईटी को कई अहम दस्तावेज और आधिकारिक रिकॉर्ड मिले हैं। पुलिस ने मौके से विवादित जमीन सौदे से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें और कागजात जब्त किए हैं। इसके साथ ही, थाना कुठला से संबंधित केस डायरियां, हत्या के मामलों से जुड़ी फाइलें, विभिन्न कार्यालयीन रजिस्टर और बीएनएसएस (BNSS) रजिस्टर को भी साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया गया है। बरामद किए गए इन दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ी जा सके।

डिजिटल साक्ष्यों की होगी गहन फॉरेंसिक जांच

जांच के दौरान एसआईटी का मुख्य ध्यान डिजिटल सबूतों को सुरक्षित करने पर रहा। टीम ने कार्यालय से सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) बॉक्स, लैपटॉप, कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव और पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन सभी उपकरणों को विशेषज्ञों की निगरानी में फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। फॉरेंसिक जांच के जरिए पुलिस को यह उम्मीद है कि डिलीट किए गए डेटा और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सुरागों को फिर से हासिल किया जा सकेगा। यह डिजिटल साक्ष्य मामले की सच्चाई को सामने लाने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

जमानत खारिज होने के बाद गिरफ्तारी का संकट

इससे पूर्व कटनी के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए लंबी सुनवाई की थी। दो दिनों तक चली विस्तृत बहस के बाद, अदालत ने निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया और उनके सह-आरोपी क्षितिज राज बारापात्रे की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत से मिली इस कानूनी असफलता के बाद आरोपियों के पास अब केवल मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में अपील करने का विकल्प शेष है। हालांकि, जब तक उच्च न्यायालय से कोई राहत प्राप्त नहीं होती है, तब तक पुलिस किसी भी समय आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र है।

फरार आरोपियों पर घोषित है इनाम

इस पूरे मामले में कुल तीन आरोपी नामजद हैं, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फरार आरोपियों में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी का नाम शामिल है। पुलिस प्रशासन ने इन तीनों आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। कटनी के एएसपी कमल मौर्य का कहना है कि पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए साइबर सर्विलांस व तकनीकी इनपुट की मदद ली जा रही है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप