कर्नाटक: विधायक प्रदीप ईश्वर पर चप्पल फेंके जाने की घटना पर गरमाया सियासी माहौल, सिद्धारमैया ने मांगी निष्पक्ष जांच भारत 3 महीने पहले 123
चिक्काबल्लापुर के कांग्रेस विधायक प्रदीप ईश्वर पर केम्पेगौड़ा जयंती के दौरान चप्पल फेंके जाने को लेकर कर्नाटक में सियासी घमासान छिड़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य करार देते हुए गृह मंत्री से मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

विधायक पर हमले से उपजा विवाद

कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक के साथ हुई अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 27 जून को केम्पेगौड़ा जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चिक्काबल्लापुर से कांग्रेस विधायक प्रदीप ईश्वर पर चप्पलें फेंके जाने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। प्रदीप ईश्वर के साथ हुई मुलाकात के बाद सिद्धारमैया ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक अस्वीकार्य कृत्य बताया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण के लिए सीधे तौर पर विपक्षी दलों बीजेपी और जेडी(एस) के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है।

विपक्ष पर बरसे सिद्धारमैया

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की जानकारी साझा करते हुए सिद्धारमैया ने बताया कि प्रदीप ईश्वर ने उनसे मिलकर घटना की पूरी आपबीती सुनाई है। विधायक ने आरोप लगाया है कि केम्पेगौड़ा जयंती समारोह के दौरान बीजेपी और जेडी(एस) के कार्यकर्ताओं ने न केवल उन पर चप्पलें फेंकीं, बल्कि उनके परिजनों का भी सार्वजनिक अपमान किया। सिद्धारमैया ने विधायक का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसा और अपमान की पराकाष्ठा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पूरी कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में उनके साथ एकजुटता के साथ खड़ी है।

गृह मंत्री से जांच के कड़े निर्देश

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सिद्धारमैया ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे से फोन पर लंबी बातचीत की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस की मौजूदगी में सत्ताधारी दल के एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसी शर्मनाक घटना का होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस बैठक के दौरान शहरी विकास मंत्री डॉक्टर यतींद्र सिद्धारमैया और पूर्व मंत्री मधु बंगारप्पा भी उपस्थित थे, जिन्होंने घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

कांग्रेस नेतृत्व ने की तीखी निंदा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश इकाई के महत्वपूर्ण पदाधिकारी बी.के. हरिप्रसाद ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि कर्नाटक जैसे प्रगतिशील राज्य में असहमति को कुचलने के लिए हिंसक हथकंडों का उपयोग करना पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक बहस और संवाद का सामना करने में असमर्थ हैं, वही ऐसी ओछी और बर्बर हरकतों का सहारा लेते हैं।

लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं

बी.के. हरिप्रसाद ने आगे कहा कि किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र में हिंसा, धमकी या अपमान के जरिए किसी की आवाज दबाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विधायक प्रदीप ईश्वर का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे हिम्मत न हारें, क्योंकि जनता का जनादेश और कांग्रेस का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार की तुच्छ हरकतें न तो सच्चाई को छुपा सकती हैं और न ही लोकतंत्र की आवाज को शांत कर सकती हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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