भारत
2 घंटे पहले
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कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने जोरदार सफलता हासिल की है और पार्टी के तीनों प्रत्याशी विजयी रहे हैं। उल्लेखनीय बात यह रही कि कांग्रेस की ओर से मैदान में उतरे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा और वरिष्ठ नेता मंसूर अली खान — तीनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही बीजेपी प्रत्याशी एम. नागराज भी निर्विरोध चुनाव जीतने में सफल रहे।
आखिर क्यों सभी प्रत्याशी बिना मुकाबले के जीते?
दरअसल, कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद जितने उम्मीदवार मैदान में बचे, उतनी ही सीटें खाली थीं। ऐसे में मतदान की नौबत ही नहीं आई और इसी वजह से चारों प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इस नतीजे के जरिए कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का संकेत दिया है।
खरगे की राज्यसभा में वापसी अहम
कांग्रेस के लिए यह जीत कई दृष्टियों से मायने रखती है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का राज्यसभा में पहुंचना राष्ट्रीय राजनीति के नजरिये से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं प्रवक्ता पवन खेड़ा को कांग्रेस आलाकमान के करीबियों में गिना जाता है और उनका उच्च सदन तक पहुंचना पार्टी की रणनीतिक मजबूती को दर्शाता है। इसके अलावा मंसूर अली खान का चुना जाना पार्टी की सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने वाली राजनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बीजेपी के एम. नागराज को भी मिली जीत
दूसरी ओर, बीजेपी उम्मीदवार एम. नागराज का निर्विरोध निर्वाचन पार्टी के लिए संतोषजनक खबर है। कर्नाटक विधानसभा में अपने विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी ने एक सीट पर दावेदारी पेश की थी और उसमें उसे कामयाबी मिल गई।
नतीजों में झलकी राज्य की राजनीतिक तस्वीर
माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव का यह परिणाम कर्नाटक की मौजूदा सियासी स्थिति को भी उजागर करता है, जहां सत्ता में रहने के कारण कांग्रेस मजबूत नजर आ रही है। सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने से यह भी स्पष्ट हुआ कि किसी भी दल ने अतिरिक्त उम्मीदवार उतारकर चुनावी टकराव की स्थिति पैदा नहीं की। इन नतीजों के बाद अब कर्नाटक से राज्यसभा पहुंचने वाले चारों चेहरे — मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा, मंसूर अली खान और एम. नागराज — जल्द ही अपना कार्यकाल शुरू करेंगे और संसद के उच्च सदन में अपनी-अपनी पार्टियों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
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