उत्तर प्रदेश
2 महीने पहले
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कानपुर स्टेशन पर मिलीं दो नाबालिग छात्राएं
कानपुर के रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्टेशन परिसर में दो नाबालिग लड़कियां अकेले घूमती हुई दिखाई दीं, जिन्हें देखकर वहां तैनात जीआरपी की टीम सतर्क हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत इन लड़कियों को अपनी निगरानी में लिया और पूछताछ के लिए थाने लेकर आए। पुलिस के सामने आते ही दोनों बच्चियां बुरी तरह रोने लगीं और उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आज की पीढ़ी में धैर्य की कमी हो रही है और छोटी-छोटी बातों पर वे बड़े कदम उठाने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
आजमगढ़ से दिल्ली का सफर
जांच में पता चला कि ये दोनों छात्राएं आजमगढ़ की रहने वाली हैं और कक्षा आठवीं और नौवीं की पढ़ाई कर रही हैं। किसी मामूली घरेलू बात पर उनके माता-पिता ने उन्हें डांट दिया था, जिससे वे नाराज हो गईं। गुस्सा इतना ज्यादा था कि दोनों ने घर छोड़ने जैसा बड़ा फैसला ले लिया और बिना सोचे-समझे दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार हो गईं। उन्हें शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे कितनी बड़ी मुसीबत में पड़ सकती थीं। जब वे ट्रेन से उतरकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर इधर-उधर भटक रही थीं, तभी जीआरपी की नजर उन पर पड़ी।
माता-पिता की डांट बनी वजह
इस घटना के बाद एक गंभीर सामाजिक सवाल खड़ा हो गया है कि आज के बच्चों में सहनशक्ति का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। एक समय था जब माता-पिता के थोड़ा सख्त होने पर बच्चे चुपचाप उनकी बात मान लेते थे, लेकिन आज का दौर बदल चुका है। आजकल बच्चे घर की सीमाओं को लांघकर बाहर की असुरक्षित दुनिया में निकलने से भी नहीं डरते। यह मामला उन तमाम माता-पिता के लिए एक चेतावनी है, जो अपने बच्चों के साथ संवाद कम करते जा रहे हैं। बिना सोचे समझे घर से बाहर निकलने के कारण वे किसी भी आपराधिक घटना या अपहरण का शिकार हो सकते थे, लेकिन समय रहते जीआरपी की सक्रियता के कारण वे सुरक्षित मिल गईं।
पुलिस ने परिजनों को दी सूचना
जीआरपी थाना परिसर में जब बच्चियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे माता-पिता की डांट से क्षुब्ध होकर ही घर से भागी थीं। पुलिस ने घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल उनके परिजनों से संपर्क किया और उन्हें इस संबंध में सूचित कर दिया। फिलहाल, दोनों बच्चियां सुरक्षित हैं और पुलिस की मदद से उन्हें वापस घर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह घटना स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच भी चर्चा का विषय बनी रही, जिन्होंने बच्चों की परवरिश और उनकी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की बात कही।
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