उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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अमेरिकी टैरिफ की बढ़ी हुई दरों, मिडिल ईस्ट में बने तनाव और दुनिया भर में जारी व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच भी उत्तर प्रदेश के निर्यातकों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। यही कारण है कि प्रदेश का कुल निर्यात कारोबार पहली बार दो लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। उल्लेखनीय बात यह है कि प्रदेश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में कानपुर ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है।
फियो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात कारोबार बढ़कर 2,01,241 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1,86,050 करोड़ रुपये था। प्रदेश में निर्यात के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर पहले और गाजियाबाद दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कानपुर लगातार तीसरे पायदान पर अपनी जगह बनाए हुए है।
चमड़ा उत्पादों की बढ़ती मांग से कानपुर को फायदा
फियो के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि बीते डेढ़ साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई चुनौतियां सामने आईं, फिर भी कानपुर के निर्यातकों ने बेहतर प्रदर्शन किया। कई नए देशों में चमड़े और चमड़े से बने उत्पादों की मांग बढ़ने से शहर के निर्यात कारोबार को मजबूती मिली।
इस वर्ष कानपुर का कुल निर्यात कारोबार बढ़कर 10,823 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें करीब 75 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले चमड़ा और चमड़े से बने उत्पादों की रही। चमड़े की खाल का निर्यात कारोबार पिछले वर्ष 658 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 900 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह बेल्ट का निर्यात कारोबार 300 करोड़ रुपये से बढ़कर 500 करोड़ रुपये हो गया।
पांच साल बाद फिर पटरी पर लौटा कारोबार
पिछले कुछ वर्षों के दौरान कानपुर के निर्यात कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, लेकिन अब यह लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में शहर का निर्यात 9,509 करोड़ रुपये था। इसके बाद 2022-23 में यह घटकर 8,995 करोड़ रुपये और 2023-24 में 8,991 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि 2024-25 में कारोबार बढ़कर 10,401 करोड़ रुपये पर पहुंचा और अब 2025-26 में यह 10,823 करोड़ रुपये के स्तर तक आ गया है।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग इसी तरह बनी रही और नए देशों तक भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ती रही, तो आने वाले वर्षों में कानपुर का निर्यात कारोबार और तेज रफ्तार से आगे बढ़ सकता है। वैश्विक चुनौतियों के बीच सामने आए ये आंकड़े न सिर्फ कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए राहत और उत्साह की खबर हैं।
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