उत्तर प्रदेश
11 घंटे पहले
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हादसे के बाद खुली तस्करी की पोल
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में पुलिस की सतर्कता ने तस्करी के एक बड़े अंतर्राज्यीय मामले का खुलासा किया है। घटना शनिवार दोपहर की है, जब लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर तालग्राम थाना पुलिस की टीम अपनी नियमित गश्त पर निकली हुई थी। इसी दौरान पुलिस की जीप की टक्कर दिल्ली की ओर जा रही एक ब्रेजा कार से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और पुलिस की गाड़ी भी वहीं फंस गई।
संदेह के घेरे में आए आरोपी
दुर्घटना के तुरंत बाद जब पुलिसकर्मी कार सवार युवकों के पास पहुंचे और उनसे बातचीत शुरू की, तो पुलिस को उनके व्यवहार और जवाबों में कुछ अजीब लगा। पूछताछ के दौरान कार में सवार एक युवक ने अपनी पहचान महाराजगंज जिले के निवासी संदीप जायसवाल के रूप में दी, जबकि दूसरा व्यक्ति सरोज पंत था, जो नेपाल का रहने वाला निकला। पुलिस को इन दोनों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए तुरंत संदेह हुआ और उन्होंने मौके पर ही पूरी कार की बारीकी से तलाशी लेने का निर्णय लिया।
ब्रीफकेस में छिपा था 15 करोड़ का सोना
पुलिस की तलाशी के दौरान कार के भीतर से एक ब्रीफकेस बरामद हुआ। जैसे ही पुलिस ने उस ब्रीफकेस को खोला, वहां मौजूद अधिकारियों के होश उड़ गए। उसमें सोने के 10 बिस्किट रखे हुए थे, जिनका कुल वजन करीब 10 किलो बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत दोनों तस्करों को हिरासत में ले लिया और उन्हें तालग्राम थाने ले जाकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की।
गोल्ड वैल्यूएशन और जीएसटी टीम की एंट्री
पुलिस ने बरामद सोने की शुद्धता और उसकी सही कीमत जानने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की गोल्ड मूल्यांकन टीम को मौके पर बुलाया। मूल्यांकन टीम ने अपनी जांच में पुष्टि की कि ये सभी सोने के बिस्किट 24 कैरेट के हैं। बाजार के वर्तमान भाव के अनुसार इस सोने की कुल कीमत 15 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई। टैक्स चोरी का मामला स्पष्ट होने के कारण पुलिस ने फौरन जीएसटी विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी और उन्हें पूछताछ में शामिल किया।
नेपाल से दिल्ली तक का तस्करी नेटवर्क
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यह सोना नेपाल के रास्ते भारत में लाया गया था। तस्कर इसे गोरखपुर के माध्यम से सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली ले जा रहे थे। मामला अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी से जुड़ा होने के कारण कन्नौज पुलिस ने तत्काल कस्टम विभाग को इसकी जानकारी दी। देर शाम कस्टम विभाग की टीम तालग्राम थाने पहुंची और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया। इसके बाद कस्टम टीम दोनों तस्करों को अपने साथ लेकर आगे की जांच के लिए रवाना हो गई।
एसपी विनोद कुमार का कड़ा रुख
कन्नौज के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व किया। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि जब से उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला है, अपराधियों के लिए सुरक्षित रास्ते बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की मुस्तैदी और गश्त का ही नतीजा है कि इतने बड़े पैमाने पर हो रही तस्करी पकड़ी गई। एसपी के अनुसार, अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कस्टम विभाग द्वारा की जाएगी, ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। यह कार्रवाई पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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