बचपन में मां को खोया, पिता ने भी मुंह मोड़ा, फिर भी रीवा की कल्पना बनीं रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
रीवा की 23 वर्षीय कल्पना प्रजापति ने मां-पिता दोनों को खोने और कठिन हालात के बावजूद हार नहीं मानी और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल में असिस्टेंट लोको पायलट के रूप में चयनित हो गईं।

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जो साबित करती है कि देश की बेटियां अब सिर्फ सपने नहीं संजोतीं, बल्कि उन्हें हकीकत में भी बदल रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल हैं कल्पना प्रजापति, जिन्होंने बचपन में ही अपनी मां को खो दिया और बाद में पिता ने भी उनसे दूरी बना ली। तमाम संघर्षों के बीच भी इस बेटी ने हिम्मत नहीं हारी और आज वह भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट बनकर हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

चुनौतियों से भरी रही शुरुआत

रीवा जिले के बहुरीबांध गांव की रहने वाली 23 साल की कल्पना प्रजापति का जीवन आरंभ से ही कठिनाइयों से घिरा रहा। जन्म के समय ही उनकी मां इस दुनिया से चल बसीं, जिसके बाद उनकी दादी ललैया प्रजापति ने उन्हें मां की तरह दुलार देकर पाला। सीमित साधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कल्पना ने न तो पढ़ाई छोड़ी और न ही अपने सपनों से समझौता किया। उन्होंने पूरी लगन से शिक्षा हासिल की और परिवार का मान बढ़ाने में कोई कमी नहीं रखी।

परीक्षा से दो दिन पहले पिता का निधन

मुश्किलों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। वर्ष 2024 में प्रशिक्षण अधिकारी परीक्षा से ठीक दो दिन पहले करंट लगने से उनके पिता गोधन लाल प्रजापति का देहांत हो गया। कल्पना बताती हैं कि मां की मृत्यु के बाद उनके पिता ने उनसे दूरी बना ली थी और दूसरी शादी कर ली थी। अब उनके माता-पिता दोनों ही दुनिया में नहीं रहे। पिता के अचानक जाने से कल्पना भीतर तक टूट गईं और वह परीक्षा में शामिल भी नहीं हो सकीं। फिर भी उन्होंने हालात के सामने झुकने के बजाय खुद को संभाला और अपने लक्ष्य की दिशा में बढ़ती रहीं।

लाइब्रेरी में काम और परिवार का सहारा

पिता के निधन के बाद कल्पना ने लाइब्रेरी में काम करते हुए अपनी पढ़ाई का सिलसिला जारी रखा। दादी, दूसरी मां, चाचा-चाची और मामा सहित परिवार के सदस्यों के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। उन्होंने शासकीय आईटीआई रीवा से शिक्षा ली, जहां प्रशिक्षण अधिकारी नरेंद्र द्विवेदी के मार्गदर्शन ने उनकी राह आसान बनाई।

रेलवे में हुआ चयन

निरंतर मेहनत और समर्पण का नतीजा यह रहा कि कल्पना का चयन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल में असिस्टेंट लोको पायलट के पद पर हो गया। रेलवे प्रशासन की ओर से उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया गया है। आगामी 18 जून 2026 को वह ट्रेन संचालन की पहली ट्रायल रनिंग में हिस्सा लेंगी और इसके साथ ही अपने सपनों को नई उड़ान देंगी।

पिता को याद कर भावुक हुईं कल्पना

कल्पना कहती हैं कि इस कामयाबी से उन्हें बेहद खुशी मिली है, लेकिन अगर आज उनके पिता उनके साथ होते तो यह पल और भी यादगार बन जाता। वहीं उनकी दादी ललैया प्रजापति का कहना है कि पूरे परिवार को बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है और वह दूसरी बेटियों के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई हैं।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!