14 जून का मौसम: दिल्ली-NCR सहित 14 राज्यों में 60 की रफ्तार से आंधी-बारिश, IMD का अलर्ट राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 2
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और तेज बारिश होगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में अगले दो दिन भीषण लू का प्रकोप जारी रहेगा। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून की सक्रियता से भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

देश के मौसम में इस समय दो विपरीत तस्वीरें एक साथ दिख रही हैं। एक ओर आसमान से तपती गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है, तो दूसरी ओर तेज आंधी और मूसलाधार बारिश परेशानी का सबब बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर बादल मंडरा रहे हैं और कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज रात से ही कई इलाकों में आसमान पर काले बादल छाने लगेंगे और इसके बाद 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं तथा गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर शुरू होगा। वहीं देश का एक बड़ा हिस्सा जहां इस तूफानी बारिश की चपेट में रहेगा, वहीं मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के लोगों को भीषण लू का सामना करना पड़ेगा, जहां उष्ण लहर का प्रकोप अपने चरम पर पहुंचने वाला है। ऐसे में घर से निकलने से पहले मौसम की चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है।

महाराष्ट्र में कल का मौसम

मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा संभाग के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। IMD की ओर से विशेष चेतावनी दी गई है कि अगले दो दिनों तक इन इलाकों में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। दोपहर के समय सीधी धूप में निकलने से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। तटीय महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मानसून की दस्तक के बाद हल्की फुहारों से मौसम कुछ सुहाना हो सकता है, लेकिन अंदरूनी इलाकों में गर्मी का प्रकोप फिलहाल थमता नहीं दिख रहा।

उत्तर प्रदेश में 14 जून का मौसम

उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी और उमस का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी और पूर्वी यूपी के जिलों में धूल भरी तेज हवाओं के साथ मौसम बेहद गर्म रहने वाला है। हालांकि मानसून की ताजा स्थिति के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में आंशिक बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे उमस और बढ़ेगी।

राजस्थान में कल मौसम कैसा रहेगा

रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में झुलसाने वाली गर्मी से फिलहाल बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही। राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज हो रहा है। IMD के सैटेलाइट मैप के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में तेज सतही हवाओं और धूल भरी आंधी की चेतावनी जारी की गई है। यहां मौसम बेहद शुष्क और गर्म रहेगा। नागरिकों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधी धूप में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-NCR में 14 जून का मौसम

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों नोएडा, गाजियाबाद तथा गुरुग्राम में चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली के मौसम में कुछ बदलाव आ सकता है। शाम के समय तेज धूल भरी हवाओं और आंशिक बादलों के कारण तापमान में मामूली गिरावट संभव है, लेकिन उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।

मध्य प्रदेश में कल का मौसम

मध्य प्रदेश के मौसम में इस समय बड़ा विरोधाभास नजर आ रहा है। राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में जहां हीटवेव जैसी स्थिति है, वहीं दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में कुछ जिलों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है, जिससे तापमान में थोड़ी कमी आएगी और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिल सकेगी।

बिहार में कल मौसम कैसा रहेगा

बिहार में पछुआ हवाओं के चलते मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का दौर जारी है। हालांकि नेपाल से सटे तराई वाले इलाकों में पुरवा हवाओं के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदला है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि राज्य के कुछ जिलों में वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है। किसानों को आंधी और बारिश के दौरान खेतों में न जाने की सलाह दी गई है। राज्य में अगले तीन से चार दिनों में प्री-मानसून की बारिश तेज होने की उम्मीद है।

गुजरात में कल के मौसम की जानकारी

गुजरात के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है, लेकिन तटीय इलाकों में नमी बढ़ने से उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। अहमदाबाद, गांधीनगर और सूरत जैसे बड़े शहरों में तापमान के साथ-साथ उमस वाली गर्मी का अहसास काफी अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात के दक्षिणी जिलों में मानसून की धीमी गति के कारण अगले 48 घंटों में हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है, जिससे तटीय इलाकों के तापमान में मामूली गिरावट आएगी।

कर्नाटक में कल का मौसम

दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। राज्य के तटीय जिलों और आंतरिक हिस्सों में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। IMD के मैप के अनुसार, कर्नाटक के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून की इस मजबूत स्थिति के कारण बेंगलुरु समेत कई शहरों में मौसम सुहाना बना हुआ है और तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है।

आंध्र प्रदेश में 14 जून का मौसम

आंध्र प्रदेश के तटीय और रायलसीमा क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने हॉट एंड ह्यूमिड वेदर अलर्ट जारी किया है। राज्य के कुछ हिस्सों में उमस भरी गर्मी के साथ लू चलने की भी चेतावनी है। हालांकि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण शाम के समय तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश की संभावना है। मानसून की ताजा स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में यहां बारिश का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।

असम और उत्तर-पूर्व भारत में कल का मौसम

पूर्वोत्तर के राज्यों, विशेषकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी रखी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है और नदियां उफान पर हैं।

देश में मानसून की रफ्तार और तापमान का मिजाज

मौसम विभाग द्वारा 13 जून, 2026 को जारी सैटेलाइट मानचित्रों का विश्लेषण करें तो स्पष्ट होता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष एक अलग चाल चल रहा है। मानसून की उत्तरी सीमा इस समय अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों को कवर करते हुए देश के मध्य भाग की ओर बढ़ रही है। 14, 15 और 17 जून के पूर्वानुमान मैप साफ दर्शाते हैं कि देश के शेष हिस्सों में 19 जून 2026 तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। यानी उत्तर और मध्य भारत को भारी बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना होगा, तब तक हीटवेव और उमस का यह मिलाजुला दौर जारी रहेगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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