UPTET 2026: साढ़े चार साल बाद उत्तर प्रदेश में महापरीक्षा, 19 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल करियर 2 महीने पहले 69
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2 जुलाई से प्रदेश के 60 जिलों में शुरू होने जा रही है। साढ़े चार साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही इस परीक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए गए हैं।

परीक्षा का आयोजन और तैयारी

उत्तर प्रदेश शिक्षक अर्हता परीक्षा यानी UPTET 2026 कल, 2 जुलाई से राज्य भर में आयोजित की जा रही है। लंबे समय के इंतजार के बाद हो रही इस महत्वपूर्ण परीक्षा को लेकर शिक्षा चयन आयोग ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। यह पहला मौका है जब यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग इस परीक्षा का संचालन कर रहा है। इससे पूर्व यह जिम्मेदारी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी के पास थी। आयोग का मुख्य उद्देश्य इस बार परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, जिसके लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

अभ्यर्थियों की संख्या और विवरण

इस परीक्षा में कुल 19 लाख 94 हजार 661 अभ्यर्थी भाग लेने जा रहे हैं। आवेदन करने वालों में राज्य के भीतर के 17 लाख 67 हजार 180 परीक्षार्थी शामिल हैं, जबकि अन्य राज्यों से कुल 2 लाख 27 हजार 481 अभ्यर्थी परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाएंगे। परीक्षा के स्तर के आधार पर अभ्यर्थियों का वर्गीकरण इस प्रकार है:

  • 8 लाख 16 हजार 436 अभ्यर्थी अपर प्राइमरी स्तर की परीक्षा देंगे।
  • 3 लाख 88 हजार 179 अभ्यर्थी प्राइमरी स्तर की परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं।
  • 3 लाख 95 हजार 023 अभ्यर्थी प्राइमरी और अपर प्राइमरी दोनों स्तर की परीक्षा में सम्मिलित होंगे।

खास बात यह है कि वर्तमान में बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत 1 लाख 85 हजार 791 शिक्षक भी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जो अपनी अर्हता में सुधार करना चाहते हैं। इसके अलावा 18 लाख 08 हजार 870 नए अभ्यर्थी पहली बार इस परीक्षा का अनुभव लेंगे।

परीक्षा केंद्र और प्रमुख शहर

परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 60 जिलों में कुल 955 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सबसे अधिक परीक्षा केंद्र वाराणसी में बनाए गए हैं, जहां 68 केंद्रों पर 1 लाख 27 हजार 239 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। वहीं राजधानी लखनऊ में 45 केंद्रों पर 76 हजार 720 और प्रयागराज में 53 केंद्रों पर 76 हजार 634 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

परीक्षा का समय और शेड्यूल

परीक्षा 2 जुलाई से 4 जुलाई के बीच आयोजित होगी। इसमें 2 और 3 जुलाई को दो पालियों में परीक्षा होगी, जबकि 4 जुलाई को केवल सुबह की पाली में परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।

  • प्रथम पाली: सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
  • द्वितीय पाली: दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक।

परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, 2 जुलाई को दोनों पालियों में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा होगी। 3 जुलाई को पहली पाली में उच्च प्राथमिक और दूसरी पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा होगी। 4 जुलाई को अंतिम दिन केवल प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के कड़े इंतजाम

परीक्षा को नकल माफिया से बचाने और शुचिता बनाए रखने के लिए आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं। हर जिले में आब्जर्वर के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैनिंग प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है ताकि फर्जी अभ्यर्थियों पर लगाम लगाई जा सके। इसके अतिरिक्त, पूरी परीक्षा की निगरानी एक केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीसीटीवी फीड के जरिए लाइव की जाएगी। कदाचार रोकने के लिए एसटीएफ की विशेष तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।

साढ़े चार साल बाद का सफर

यूपी टीईटी का यह आयोजन लंबे इंतजार के बाद हो रहा है। आखिरी बार यह परीक्षा वर्ष 2022 में संपन्न हुई थी, जो मूल रूप से 2021 में प्रस्तावित थी लेकिन पेपर लीक होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। साढ़े चार साल के इस लंबे अंतराल के बाद अभ्यर्थियों में परीक्षा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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