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18 घंटे पहले
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जापान की राजधानी टोक्यो समेत कई इलाकों में धरती हिली
जापान में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिला है। राजधानी टोक्यो और उसके आसपास के क्षेत्रों में 5.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का मुख्य केंद्र जापान के दक्षिण में स्थित इबाराकी प्रांत में जमीन से 70 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। राहत की बात यह है कि आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने सुनामी के किसी भी खतरे से इनकार किया है। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा के कारण इबाराकी, चिबा और सैतामा जैसे क्षेत्रों में जान-माल का नुकसान हुआ है और कम से कम 5 लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद ऐहतियात के तौर पर प्रशासन ने बचाव कार्यों में तेजी ला दी है।
ट्रेन सेवाओं पर असर और सरकारी प्रतिक्रिया
भूकंप के झटकों के बाद परिवहन व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। टोक्यो और नारिता हवाई अड्डे के बीच संचालित होने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी दिशा की स्थानीय लोकल ट्रेनों के परिचालन में काफी देरी देखी गई। हालांकि, ईस्ट जापान रेलवे कंपनी ने पुष्टि की है कि शिंकानसेन बुलेट ट्रेनें सामान्य रूप से अपनी सेवाएं दे रही हैं। प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने संभावित नुकसान और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन कर दिया है।
भूकंप का केंद्र और विशेषज्ञों की राय
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप दक्षिणी इबाराकी के उस क्षेत्र में आया है जो भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है और वहां अक्सर झटके महसूस किए जाते हैं। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे ने भूकंप की शुरुआती तीव्रता 5.8 मापी थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, घायलों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि अन्य क्षेत्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है और नुकसान के विवरणों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
शहरों में इमरजेंसी अलर्ट और जनजीवन
जैसे ही भूकंप के झटके आए, निवासियों के मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट बजने लगे। टोक्यो शहर में कंपन का असर काफी अधिक था, लेकिन टीवी फुटेज में मितो और सैतामा जैसे शहरों की सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य दिखाई दिया। भूकंप के प्रभाव से टोक्यो के पूर्वी वार्ड कोटो में जमीन के नीचे मौजूद पानी का एक पाइप फट गया, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। TEPCO पावर ग्रिड ने जानकारी दी कि टोक्यो में लगभग 460 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिसे रविवार सुबह तक बहाल कर दिया गया। परमाणु नियामक प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वहां मौजूद करीब एक दर्जन न्यूक्लियर पावर प्लांट और परमाणु सामग्री से जुड़ी सुविधाओं में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।
पुराना जख्म और हालिया इतिहास
जापान के लिए यह भूकंप एक ऐसे समय में आया है जब वह पहले की आपदाओं से उबरने की कोशिश कर रहा है। पिछले ही महीने जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू के कुमामोटो इलाके में 7.1 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। उस त्रासदी में 38 लोगों की जान चली गई थी और 364 लोग घायल हुए थे। उस भूकंप ने भीषण तबाही मचाते हुए 1,500 से अधिक इमारतों को पूरी तरह नष्ट कर दिया था और करीब 20,000 अन्य इमारतों को आंशिक नुकसान पहुंचाया था।
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