छत्तीसगढ़ में अनोखी पहल: इस कलेक्टर ने अपनी वेतन से आदिवासी समुदाय के लिए दान की बड़ी राशि छत्तीसगढ़ 4 घंटे पहले 5
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के एक जिलाधिकारी ने समाज के उत्थान के लिए अपनी निजी आय से योगदान देने का सराहनीय संकल्प लिया है।

विश्व आदिवासी दिवस पर अनूठी घोषणा

विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ में एक जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की है कि वे अब से हर वर्ष अपने निजी वेतन से 10000 रुपये की राशि आदिवासी समाज के कल्याण और उत्थान कार्यों के लिए समर्पित करेंगे।

प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों से मिला समर्थन

जिलाधिकारी की इस नेक पहल की जिले भर में व्यापक सराहना की जा रही है। इस निर्णय का स्वागत न केवल स्थानीय नागरिकों ने किया है, बल्कि जिले के पुलिस अधीक्षक ने भी खुलकर समर्थन व्यक्त किया है। आम जनता इस पहल को आदिवासी समुदाय के प्रति एक सकारात्मक कदम के रूप में देख रही है, जो समाज के मुख्यधारा के विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है।

समाज कल्याण की दिशा में कदम

यह पहल आदिवासी समुदायों के प्रति प्रशासनिक अधिकारियों के जुड़ाव को दर्शाती है। 10000 रुपये की वार्षिक राशि का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्र में विकास कार्यों और समुदाय की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग करना है। इस घोषणा के बाद से जिले के अन्य वर्गों में भी इस तरह की सामाजिक सेवा की भावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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