झारखंड
एक घंटा पहले
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विचारों
ताजी मछली की तलाश का नया ठिकाना
अगर आप मछली खाने के शौकीन हैं और बाजार में मिलने वाली बर्फ में दबी मछलियों से ऊब चुके हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन जगह है। जमशेदपुर से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सतनाला का काटा पहाड़ आजकल काफी चर्चा में है। यह जगह सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि ताजी मछली मिलने के कारण भी लोगों के बीच तेजी से मशहूर हो रही है। यहाँ का शांत वातावरण और प्राकृतिक नज़ारा आपको शहर की भीड़भाड़ से दूर एक सुकून भरी दुनिया का अहसास कराता है।
आंखों के सामने होती है मछली की पकड़
काटा पहाड़ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ आपको मछली की ताजगी को लेकर कोई संदेह नहीं रहता। नहर के किनारे सुबह से ही मछुआरे अपने जाल लेकर पहुंच जाते हैं और पारंपरिक तरीकों से मछलियों को पकड़ना शुरू कर देते हैं। यहाँ आने वाले खरीदार अपनी आँखों के सामने मछुआरों को पानी से मछली निकालते हुए देखते हैं। पानी से बाहर आते ही मछली की ताजगी ग्राहकों को बेहद आकर्षित करती है। रेहू, तेली और पोटिया जैसी कई तरह की स्थानीय मछलियां यहाँ आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग मछली की खरीदारी के लिए यहाँ का रुख करते हैं।
मछुआरों और ग्राहकों का सीधा नाता
यहाँ के स्थानीय मछुआरे रेहान के अनुसार, मछली पकड़ने के काम में उन्हें बहुत ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता है। आमतौर पर एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत में अच्छी मात्रा में मछलियां पकड़ में आ जाती हैं। रेहान का कहना है कि उन्हें पकड़ी गई मछलियों को लेकर किसी बाजार या मंडी तक जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। मछली पानी से बाहर आते ही आसपास मौजूद ग्राहक मौके पर ही उन्हें खरीद लेते हैं। इस तरह की सीधी बिक्री से मछुआरों का समय बचता है और ग्राहकों को पूरी तरह से ताजा मछली मिलने का आश्वासन मिल जाता है।
प्रकृति की गोद में सुकून
काटा पहाड़ केवल मछली के बाजार तक सीमित नहीं है। यह स्थान उन लोगों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है जो प्रकृति के करीब कुछ वक्त बिताना चाहते हैं। नहर का कलकल बहता पानी, आसपास की पहाड़ियों का मनोरम दृश्य और वहां की खामोशी शहर के शोरगुल से बिल्कुल अलग है। खास तौर पर सुबह के वक्त जब सूरज की रोशनी पहाड़ों पर पड़ती है, तो यहां का नजारा देखते ही बनता है। पानी की आवाज और मछुआरों के मछली पकड़ने की अनूठी कला को देखना सैलानियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होता है।
सुरक्षा का रखें खास ख्याल
भले ही यह जगह मछली खरीदने और प्रकृति का आनंद लेने के लिए शानदार है, लेकिन यहां जाने वाले पर्यटकों को सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। नहर का इलाका और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्ते होने के कारण यहां सतर्कता जरूरी है। पानी के बहुत करीब जाने या नहर के गहरे हिस्सों में उतरने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। अगर आप सावधानी बरतते हुए जमशेदपुर के पास इस जगह की यात्रा करते हैं, तो यह आपकी मछली खरीदने की आदत को एक सुखद आउटिंग में बदल सकता है। कुल मिलाकर, सतनाला का काटा पहाड़ अपनी सादगी और ताजी उपज के कारण धीरे-धीरे जमशेदपुर के प्रमुख स्थानों में गिना जाने लगा है।
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