कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, यहां आकर बहुत खुश हूं: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का घाटी में बड़ा बयान
जम्मू-कश्मीर
3 घंटे पहले
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कश्मीर दौरे पर अमेरिकी राजदूत
भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कश्मीर घाटी का अपना पहला आधिकारिक दौरा पूरा किया है। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हर कोई इस बात से अवगत है कि वह भारत में अमेरिका के राजदूत हैं और कश्मीर भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरे को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में काफी चर्चा है, क्योंकि साल 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त किए जाने के बाद से किसी मौजूदा अमेरिकी राजदूत का यह पहला कश्मीर दौरा है।
कश्मीर की खूबसूरती और मुख्यमंत्री से मुलाकात
सर्जियो गोर ने बुधवार को घाटी में कदम रखा और वहां के प्राकृतिक दृश्यों से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पहली बार कश्मीर आना उनके लिए एक शानदार और यादगार अनुभव रहा है। उन्होंने कहा, यह वास्तव में एक बेहद खूबसूरत जगह है और यहां आकर मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है। अपनी इस यात्रा के दौरान सर्जियो गोर ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ औपचारिक मुलाकात की।
यात्रा एडवाइजरी में बदलाव के संकेत
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ हुई बातचीत को राजदूत ने सकारात्मक बताते हुए कहा कि यह बैठक बहुत अच्छी रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बातचीत के महत्वपूर्ण बिंदुओं को वह वॉशिंगटन और दिल्ली तक पहुंचाएंगे। यात्रा संबंधी चेतावनियों के बारे में पूछे गए एक सवाल पर सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका समय-समय पर अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी करता है और इन चेतावनियों का निरंतर पुनर्मूल्यांकन किया जाता है। हालांकि उन्होंने तत्काल किसी बड़ी घोषणा से इनकार किया, लेकिन यह जरूर कहा कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान प्रशासन और मुख्यमंत्री ने घाटी को सुरक्षित बनाने के लिए सराहनीय कदम उठाए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि सुरक्षा स्थिति बेहतर बनी रहती है, तो अमेरिका अपनी यात्रा सलाह को नरम करने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बहुत खूबसूरत है और भविष्य में कई अमेरिकी पर्यटक यहां की सुंदरता और अवसरों का आनंद लेने के लिए आ सकते हैं।
आगे की रणनीति और लद्दाख यात्रा
सर्जियो गोर का यह दौरा एक ऐसे समय में हुआ है जब नई दिल्ली लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि जम्मू-कश्मीर में अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। राजदूत के इस दौरे को वैश्विक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपनी कश्मीर यात्रा के अगले चरण में, राजदूत गुरुवार को लद्दाख के लिए रवाना होंगे। लद्दाख जाने से पहले वे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात करेंगे, जहां वे क्षेत्र के विकास और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।
सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण
विश्लेषकों का मानना है कि सर्जियो गोर की यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के बदलते स्वरूप को समझने का एक प्रयास है। राजदूत ने खुद माना है कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने जो कार्य किए हैं, वे उल्लेखनीय हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में घाटी में और अधिक निवेश और पर्यटन की संभावनाएं बढ़ेंगी। सर्जियो गोर का यह आधिकारिक बयान कि कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है, कूटनीतिक रूप से काफी बड़ा माना जा रहा है। यह दौरा न केवल भारत और अमेरिका के बीच गहरे होते संबंधों को दर्शाता है, बल्कि घाटी में शांति बहाली की दिशा में किए गए प्रयासों पर अंतरराष्ट्रीय मुहर के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले हफ्तों में अमेरिका अपनी यात्रा संबंधी दिशानिर्देशों में बदलाव करता है या नहीं।
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