जंतर-मंतर पर दिए बयान पर महबूबा मुफ्ती ने जताया खेद, बताया 'जुबान फिसलने' का नतीजा; भाजपा ने बोला हमला जम्मू-कश्मीर एक घंटा पहले 2
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच दिए गए एक बयान पर विवाद बढ़ने के बाद PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आलोचना के बाद उन्होंने इसे केवल जुबान का फिसलना बताया है।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बयानों को लेकर अक्सर घमासान मचा रहता है। ताजा मामला PDP की मुखिया महबूबा मुफ्ती से जुड़ा है। दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने एक विवादित बयान पर अब उन्होंने गहरा खेद प्रकट किया है। इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब केंद्र शासित प्रदेश के CM उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के उस बयान की कड़ी आलोचना की और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की थी। इसके बाद ही महबूबा मुफ्ती ने सामने आकर अपनी भूल स्वीकार की और इसे महज "जुबान फिसलने" का मामला बताया है।

विवाद की वजह और महबूबा मुफ्ती की सफाई

महबूबा मुफ्ती ने स्पष्ट किया कि CJP के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर उन्होंने जो बात कही थी, उसमें उनका इरादा कुछ और ही था। वह वास्तव में "बहाना बनता है" कहना चाहती थीं, जिसका मतलब था कि इस घटना से एक बहाना मिल जाता है। लेकिन जल्दबाजी और हड़बड़ी के कारण उनके मुंह से केवल "बताता है" शब्द ही निकल पाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह गलती जानबूझकर नहीं की गई थी बल्कि बातचीत के प्रवाह में जुबान फिसलने के कारण ऐसा हुआ। उनके इस स्पष्टीकरण के बाद भी घाटी की राजनीति थमती हुई नहीं दिख रही है।

आखिर क्या था जंतर-मंतर का वह पूरा विवाद?

समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 23 जुलाई की है जब PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों और अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना समर्थन देने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की। हालांकि, इसी बीच वह कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों द्वारा पहले किए गए पैलेट गन के इस्तेमाल का एक तरह से बचाव करती नजर आईं। उन्होंने कहा कि कश्मीर की परिस्थितियां बिल्कुल अलग थीं क्योंकि वहां सुरक्षा बल सीधे तौर पर आतंकवाद और उग्रवाद से मुकाबला कर रहे थे। इस बयान के सामने आने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने उनकी तीखी निंदा की थी, जिसके बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई और बात माफी मांगने तक आ पहुंची।

श्रीनगर में पार्टी के स्थापना दिवस पर वीडियो को माना असली

श्रीनगर में आयोजित PDP के 27वें स्थापना दिवस के अवसर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए पूर्व CM महबूबा मुफ्ती ने इस पूरे घटनाक्रम पर खुलकर बात की। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने साफ कहा कि वह इस वीडियो को फर्जी या झूठा नहीं कहेंगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि यह वीडियो बिल्कुल असली है। महबूबा ने कहा कि वह उग्रवाद के विषय पर बोल रही थीं और उनका इरादा "बहाना" शब्द बोलने का था, लेकिन जल्दबाजी के कारण वह यह शब्द नहीं कह सकीं, जबकि उन्हें खुद ऐसा महसूस हुआ था कि उन्होंने उस शब्द का उच्चारण कर दिया है।

5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में बड़े प्रदर्शन की तैयारी

अपनी सफाई देने के साथ ही महबूबा मुफ्ती ने आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी आगामी 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A को फिर से बहाल करने की मांग उठाना है। इसके साथ ही वे कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण और स्थाई समाधान की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाएंगे। महबूबा ने अपने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य के सभी जिलों में लोग इन धाराओं की बहाली के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरेंगे।

दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के मौजूदा CM उमर अब्दुल्ला इस समय राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस संबंध में उमर अब्दुल्ला का मानना है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने का अंतिम फैसला केवल PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही ले सकते हैं।

भाजपा का तीखा पलटवार: 'पाकिस्तान के एजेंडे पर चल रही हैं महबूबा'

महबूबा मुफ्ती द्वारा अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर प्रदर्शन करने के एलान पर BJP ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। BJP ने विशेष दर्जे की वापसी की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि PDP प्रमुख अभी भी पाकिस्तान के इशारों और उसके तय एजेंडे पर काम कर रही हैं।

BJP के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 की बहाली की बात करना और कुछ नहीं बल्कि एक पूरी तरह से दम तोड़ चुके और नाकाम हो चुके राजनीतिक विमर्श को दोबारा जीवित करने की एक हताश कोशिश मात्र है। अल्ताफ ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती असल में पाकिस्तान के इशारे पर ही यह सब कर रही हैं।

ठाकुर ने पड़ोसी देश की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय सबसे बड़ा और गंभीर मुद्दा पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) का है। वहां पिछले 24 घंटों के भीतर पाकिस्तानी सेना की क्रूर गोलीबारी में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। BJP प्रवक्ता का दावा है कि पाकिस्तान के इशारे पर महबूबा मुफ्ती PoJK में चल रही इस हिंसक उथल-पुथल से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही हैं। इसी कारण वह 5 अगस्त की तारीख से ठीक पहले एक बार फिर अनुच्छेद 370 का राग अलाप रही हैं ताकि वहां की परिस्थितियों से ध्यान हटाया जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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