जम्मू के ऐतिहासिक नेहरू बाजार में दिवाली की रात भीषण आग, दुकानों में मची अफरा-तफरी जम्मू-कश्मीर 49 मिनट पहले 6
जम्मू शहर के नेहरू बाजार में रविवार रात दिवाली के जश्न के बीच आग लगने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।

दिवाली की रात जम्मू में बड़ा हादसा

दिवाली का त्योहार जम्मू शहर के लिए उस समय एक बड़ी चुनौती बन गया जब वहां के ऐतिहासिक नेहरू बाजार में अचानक भीषण आग लग गई। रविवार रात को हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते उन्होंने पास की कई दुकानों को अपनी आगोश में ले लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने सामानों को सुरक्षित निकालने की कोशिश करने लगे।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

आग की सूचना मिलते ही दमकल और आपातकालीन सेवा विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आईं। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग की घटना रात करीब 9:15 बजे शुरू हुई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग सबसे पहले एक दुकान से भड़की और धीरे-धीरे आसपास की अन्य दुकानों तक पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जम्मू शहर के विभिन्न दमकल केंद्रों से फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया।

राहत एवं बचाव कार्य में आईं चुनौतियां

घटनास्थल पर पहुंचकर दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान उन्हें भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, नेहरू बाजार एक बेहद व्यस्त और घना व्यावसायिक इलाका है। यहां की दुकानें और गोदाम एक-दूसरे के काफी पास बने हुए हैं, जिसकी वजह से आग को दूसरी दुकानों तक फैलने से रोकना दमकलकर्मियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा था। आग को काबू में लाने के लिए पर्याप्त संख्या में दमकलकर्मियों और उपकरणों को मौके पर तैनात किया गया ताकि जान-माल के बड़े नुकसान को टाला जा सके।

नेहरू बाजार का ऐतिहासिक महत्व

नेहरू बाजार जम्मू के सबसे पुराने और प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है। इस बाजार का इतिहास 1950 के दशक से जुड़ा हुआ है। यह स्थान अनाज, घर की जरूरी चीजों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के थोक कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। इस बाजार की संकरी गलियों में रोजाना बड़ी संख्या में थोक व्यापारी, खुदरा विक्रेता और सामान्य ग्राहक खरीदारी करने पहुंचते हैं, जिसके कारण इस जगह पर हमेशा काफी भीड़भाड़ रहती है।

आग लगने के कारणों की जांच

जिस समय बाजार में आग भड़की, उस दौरान पूरे शहर में दिवाली के चलते भारी मात्रा में पटाखे जलाए जा रहे थे। हालांकि, आग लगने का सटीक कारण क्या रहा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रशासन ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि यह हादसा पटाखों की चिंगारी के कारण हुआ या इसके पीछे शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है। फिलहाल दमकल विभाग की टीमें पूरी तरह से आग बुझाने और स्थिति को सामान्य करने के काम में जुटी रहीं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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