राजस्थान की चर्चित आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा फिर चर्चा में, क्या है उनका पूरा विवादित सफर? राजस्थान 9 घंटे पहले 1
आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही हैं। दौसा में नई पोस्टिंग के महज दो दिन बाद एपीओ होने के बाद उनकी पुरानी रिश्वतखोरी और शादी से जुड़ी कहानी फिर वायरल हो रही है।

राजस्थान की चर्चित अधिकारी की फिर चर्चा

राजस्थान प्रशासनिक सेवा यानी आरएएस की वर्ष 2017 बैच की अधिकारी पिंकी मीणा इन दिनों फिर से चर्चा के केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो और उनसे जुड़ी विवादित कहानियां एक बार फिर से तेजी से वायरल हो रही हैं। प्रशासनिक गलियारों से लेकर इंटरनेट की दुनिया तक लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि आखिर पिंकी मीणा का पिछला घटनाक्रम क्या था और शादी के इतने लंबे समय बाद वे दोबारा सुर्खियां क्यों बटोर रही हैं।

साल 2021 का वह चर्चित रिश्वतकांड

पिंकी मीणा का नाम पहली बार जनवरी 2021 में देशभर में चर्चा में आया था। उस समय वे दौसा जिले के बांदीकुई में एसडीएम के पद पर तैनात थीं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी के एक ठेकेदार से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में राजस्थान के एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था।

जेल से बाहर आकर रचाई शादी

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पिंकी मीणा जेल में बंद थीं। उनकी निजी जिंदगी की एक घटना ने इसे और भी ज्यादा चर्चित बना दिया। उनकी शादी पहले से ही तय हो चुकी थी। शादी की रस्मों को पूरा करने के लिए उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मानवीय आधार पर याचिका दायर की। अदालत ने इस पर विचार करते हुए उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत दी। फरवरी 2021 में जेल से बाहर आकर पिंकी मीणा ने राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारी नरेंद्र मीणा के साथ विवाह किया। जयपुर के समीप हुए इस विवाह समारोह का कार्ड उस समय काफी चर्चा में था। कार्ड में उन्होंने कोरोना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दो गज की दूरी और मास्क के महत्व को रेखांकित किया था, साथ ही भोजन की बर्बादी को रोकने का भी संदेश दिया था। जमानत की अवधि खत्म होते ही वे वापस जेल चली गईं। बाद में उन्हें नियमित जमानत मिल गई थी।

पांच साल बाद सेवा में वापसी और नया विवाद

लगातार चली कानूनी लड़ाई और लगभग साढ़े 5 साल के लंबे निलंबन के बाद मई 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट से उन्हें बड़ी राहत मिली। हाईकोर्ट ने उनके निलंबन पर स्टे दे दिया, जिसके बाद उनकी सरकारी सेवा में बहाली हुई। शुरुआत में उन्हें सवाई माधोपुर में पोस्टिंग दी गई थी। इसके बाद अगस्त 2026 में सरकार ने उनका तबादला दौसा में सहायक कलक्टर के पद पर कर दिया। जिस जिले में वे भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हुई थीं, उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग मिलने के बाद कई तरह के प्रशासनिक सवाल खड़े होने लगे। इन सवालों के बीच ही सरकार ने आदेश जारी करते हुए उन्हें महज दो-तीन दिन के भीतर एपीओ कर दिया। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर पिंकी मीणा की पुरानी कहानी और उस समय के वीडियो को इंटरनेट पर जिंदा कर दिया है। लोग अब उनके निलंबन से लेकर एपीओ होने तक के पूरे सफर को फिर से जानने की कोशिश कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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