राजस्थान
एक घंटा पहले
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राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर चली आ रही चुनावी प्रक्रिया अब समाप्त हो गई है। नाम वापसी की अंतिम तारीख बीतने के बाद भाजपा के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। निर्वाचन अधिकारी ने इन तीनों नेताओं को निर्वाचन के प्रमाण पत्र भी सौंप दिए।
केवल निर्विरोध जीत नहीं, बना नया रिकॉर्ड
इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता सिर्फ निर्विरोध जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बना एक नया राजनीतिक रिकॉर्ड भी इसकी खास पहचान बन गया है। राज्य के इतिहास में पहली बार प्रमुख दलों के स्तर पर महिला प्रतिनिधित्व को लेकर इस तरह की व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है।
उच्च सदन में महिला प्रतिनिधित्व
अब तक राज्यसभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं की संख्या बेहद सीमित रही है। ऐसे में अलका गुर्जर का उच्च सदन तक पहुंचना राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की ओर से इस बार सदन में एक-एक महिला चेहरे को लेकर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
नए अध्याय की शुरुआत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव राजस्थान की संसदीय राजनीति में एक नए अध्याय के रूप में याद रखा जाएगा, जिसमें प्रतिनिधित्व और संतुलन दोनों ही विषय चर्चा के केंद्र में रहे।
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