राजस्थान
2 घंटे पहले
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विचारों
संपत्ति के ब्योरे में बड़ा विरोधाभास
जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान दाखिल किए गए शपथ-पत्रों ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों ने अपनी चल संपत्ति के विवरण में सोने की जो कीमत दर्शाई है, उसमें काफी अंतर नजर आ रहा है। पड़ताल से पता चला है कि एक ही शहर और एक ही समय अंतराल में सोने के भाव को लेकर प्रत्याशियों के दावों में कोई समानता नहीं है।
1.10 लाख से 1.63 लाख तक के भाव
शपथ-पत्रों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि उम्मीदवारों ने अपनी सुविधानुसार सोने की दरें तय की हैं। इसमें 1.10 लाख रुपये से लेकर 1.63 लाख रुपये प्रति तोला तक के अलग-अलग आंकड़े दर्ज किए गए हैं। भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय, सभी दलों के प्रत्याशियों के ब्योरे में यह अंतर साफ तौर पर देखा जा सकता है। कहीं-कहीं इसे 1.40 लाख रुपये प्रति तोला दिखाया गया है, तो कहीं यह आंकड़ा 1.60 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
प्रशासन के सामने उठ रहे सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संपत्ति के इस तरह के ब्योरे चुनावी पारदर्शिता पर सवालिया निशान खड़े करते हैं। कुछ उम्मीदवारों ने बाजार में चल रहे वर्तमान भाव से कम कीमत दिखाई है, तो कुछ ने अधिक। इन आंकड़ों के आधार पर ही प्रत्याशी अपनी कुल चल संपत्ति की घोषणा कर रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चर्चा तेज हो गई है। चुनावी राजनीति में सोने का यह अलग-अलग भाव अब शहर में आम जनता के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
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