राजस्थान
2 महीने पहले
72
विचारों
राजस्थान में मौसम का तेजी से बदलता मिजाज
राजस्थान के मौसम विभाग ने राज्य के निवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले 72 घंटे काफी संवेदनशील रहने वाले हैं। मौसम केंद्र जयपुर ने स्पष्ट किया है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकांश संभागों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। राज्य के विभिन्न इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, भीषण आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। विशेष रूप से जयपुर, बीकानेर, अजमेर, बूंदी, भीलवाड़ा और कोटा जैसे शहरों के लिए विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मानसून की अनुकूल परिस्थितियां और मौसमी तंत्र
आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। इसका सीधा असर पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लगभग सभी जिलों में देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में एक कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण तंत्र सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, उत्तर पंजाब और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर बना एक ऊपरी हवा का चक्रवाती क्षेत्र भी राजस्थान के मौसम तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में मानसून की सक्रियता में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है।
पश्चिमी राजस्थान के जिलों में स्थिति
हालांकि प्रदेश के पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों जैसे श्रीगंगानगर और जैसलमेर में अभी भी तापमान उच्च बना हुआ है, लेकिन राहत के संकेत मिल रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और जैसलमेर में 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। लेकिन आगामी 24 से 48 घंटों में इन क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भविष्यवाणी की गई है, जिससे वहां के तापमान में गिरावट आएगी और मौसम सुहावना हो जाएगा।
जयपुर और आसपास के क्षेत्रों का हाल
राजधानी जयपुर में पिछले कुछ दिनों से उमस और भीषण गर्मी से लोग बेहाल थे, लेकिन अब राहत की उम्मीद जगी है। IMD जयपुर की रिपोर्ट के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विभाग ने जयपुर के साथ-साथ कोटपुतली-बहरोड़ और दूदू जैसे इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। आगामी तीन दिनों तक जयपुर संभाग में दोपहर के बाद आसमान में काले बादल छाने, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और मेघगर्जन के साथ मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है।
बीकानेर में धूलभरी आंधी और मौसम का दोहरा रूप
बीकानेर संभाग में इस समय मौसम का दोहरा चरित्र देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने यहां अचानक मौसम बदलने की चेतावनी दी है। आने वाले 24 घंटों में बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में धूलभरी आंधी चलने के साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की उम्मीद है। यहां कहीं-कहीं हल्की तो कहीं मध्यम स्तर की बारिश होने के संकेत भी दिए गए हैं।
अजमेर और बूंदी में ऑरेंज अलर्ट
अजमेर, ब्यावर और केकड़ी जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में अजमेर का अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वेदर सैटेलाइट की ताजा तस्वीरों से पता चलता है कि अजमेर संभाग के ऊपर गहरे मानसूनी बादल विकसित हो गए हैं। विभाग के अनुसार, यहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी जोखिम बना हुआ है। हाड़ौती क्षेत्र के कोटा और बूंदी में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। कोटा में तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भीलवाड़ा और बूंदी के कई हिस्सों में पहले ही मध्यम स्तर की बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
मौसम विभाग के जरूरी सुझाव और सुरक्षा उपाय
मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज आंधी के समय आमजन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- मेघगर्जन या बिजली चमकने के समय किसी भी स्थिति में बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- बिजली के खंभों, टावरों या किसी भी प्रकार की कमजोर संरचना से दूर रहें।
- घर के भीतर रहें और बिजली से चलने वाले उपकरणों को अनप्लग करके सुरक्षित रखें।
- खुले मैदानों में जाने से बचें और यदि बाहर हैं तो किसी पक्के सुरक्षित मकान का सहारा लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: किन संभागों के लिए भारी बारिश का अलर्ट है?
उत्तर: जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों के अधिकांश हिस्सों में अगले 2 से 3 दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
प्रश्न: क्या राजस्थान में हीटवेव के आसार हैं?
उत्तर: वर्तमान में मानसूनी हवाओं और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के कारण हीटवेव की कोई संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में बारिश के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।
Comments
0 comment