डिंडौरी: आंगनवाड़ी में जहरीले पौधों से बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन सख्त, एसडीएम ने कटवाए रतनजोत के पौधे मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 5
मध्य प्रदेश के डिंडौरी में आंगनवाड़ी परिसर में रतनजोत के जहरीले बीज खाने से दो बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शहपुरा एसडीएम ने केंद्र का निरीक्षण कर परिसर से सभी जहरीले पौधों को हटवा दिया है।

मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के मोहनीमाल आंगनवाड़ी केंद्र में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में आंगनवाड़ी परिसर में लगे रतनजोत के जहरीले पौधों के बीज खाने से दो मासूम बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी आक्रोश था। मीडिया में इस मुद्दे के प्रमुखता से आने के बाद शहपुरा के एसडीएम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए मोहनीमाल आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया।

परिसर से हटवाए गए जहरीले पौधे

एसडीएम ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने आंगनवाड़ी परिसर में लगे रतनजोत के उन तमाम पौधों को कटवाकर हटवा दिया, जिनके बीजों के सेवन से बच्चे बीमार पड़े थे। यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में कोई भी बच्चा इन जहरीले पौधों के संपर्क में न आए और परिसर पूरी तरह से बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित रहे।

गंभीर स्थिति में जबलपुर रेफर किए गए थे बच्चे

इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रतनजोत के बीज खाने के बाद बच्चों की हालत तेजी से बिगड़ने लगी थी। उन्हें तत्काल प्रभाव से प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन बच्चों की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए डिंडौरी से जबलपुर रेफर कर दिया। इस घटना ने आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा और देखभाल के प्रबंधों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल

आंगनवाड़ी केंद्र परिसर में जहरीले पौधों का होना एक बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चे खेलते समय आसपास की चीजों के प्रति बेहद जिज्ञासु होते हैं और अक्सर अनजाने में ऐसी चीजें खा लेते हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकती हैं। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर केंद्र परिसर में बच्चों की पहुंच के भीतर ये जहरीले पौधे किसके आदेश से लगे थे और इनकी देखरेख की जिम्मेदारी किसकी थी।

लापरवाही पर जांच की मांग

हालांकि प्रशासन ने फिलहाल पौधों को हटाकर परिसर को सुरक्षित करने का काम पूरा कर लिया है, लेकिन स्थानीय लोग अभी भी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि मामले में लापरवाही उजागर होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल यह घटना पूरे जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक चेतावनी की तरह है, जिसके बाद प्रशासन को केंद्र परिसर के नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की बारीकी से समीक्षा करने की आवश्यकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप