मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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पश्चिम मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम ने जबलपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गोंडवाना एक्सप्रेस में ड्यूटी कर रहे तीन टीटीई को पकड़ा है। जांच में तीनों कर्मचारियों के पास घोषित राशि से करीब 46 हजार रुपये अधिक बरामद हुए। यात्रियों की शिकायत के आधार पर हुई इस कार्रवाई में तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
यात्रियों का आरोप था कि टीटीई जुर्माना तो वसूल रहे थे, लेकिन उसकी रसीद नहीं दे रहे थे। विजिलेंस टीम के अनुसार ये कर्मचारी ट्रेन में सवार यात्रियों को परेशान कर रहे थे। जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने पूरे मामले की पुष्टि की है।
कैसे हुई कार्रवाई
सोमवार को दिल्ली से जबलपुर पहुंच रही गोंडवाना एक्सप्रेस (22182) में विजिलेंस टीम ने चेकिंग की। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच में टीटीई मनोज कुशवाहा, कुंदन कुमार और अनिकेश कुमार की ड्यूटी लगी हुई थी। इन पर आरोप था कि ये पूरी ट्रेन में जांच के नाम पर यात्रियों को परेशान कर रहे थे और बिना रसीद दिए रकम वसूल रहे थे।
यात्रियों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की, जिसके बाद विजिलेंस टीम मौके पर पहुंची और तीनों की तलाशी ली। जांच में सामने आया कि तीनों के पास घोषित रकम से 46 हजार रुपये से अधिक की राशि मौजूद थी। इसे अपराध की श्रेणी में मानते हुए तुरंत कार्रवाई की गई।
जांच में क्या सामने आया
तलाशी के दौरान तीनों टीटीई के पास से अतिरिक्त नकदी मिली। कुंदन कुमार के पास 32 हजार रुपये, अनिकेश कुमार के पास 14 हजार रुपये और मनोज कुशवाहा के पास 300 रुपये अतिरिक्त पाए गए। सूत्रों के मुताबिक एक टीटीई ने अपनी अतिरिक्त राशि दूसरे को सौंप दी थी।
जबलपुर रेल मंडल ने तीनों को तत्काल निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच जारी है। सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने कहा कि यात्रियों की शिकायत पर त्वरित कदम उठाया गया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई से आम यात्री उत्साहित हैं, क्योंकि अब वे बिना रसीद के जुर्माना वसूली के खिलाफ खुलकर आवाज उठा सकेंगे।
विजिलेंस टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अगर इसमें अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। जबलपुर रेल मंडल ने यात्री सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने का संकल्प जताया है।
कहां और कैसे करें शिकायत
टीटीई या किसी रेल कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए यात्री भारतीय रेलवे की आधिकारिक शिकायत प्रणाली का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे सरल माध्यम रेल मदद (RailMadad) पोर्टल और मोबाइल ऐप है, जहां टीटीई के व्यवहार, टिकट संबंधी विवाद या अन्य शिकायतें ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं।
किसी भी आपात स्थिति या तत्काल मदद के लिए यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं, जबकि सुरक्षा से जुड़े मामलों में रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन 182 पर शिकायत की जा सकती है।
शिकायत दर्ज करते समय यात्रियों को अपना पीएनआर नंबर, कोच और सीट नंबर, यात्रा की तारीख, ट्रेन का नाम या नंबर तथा घटना का संक्षिप्त विवरण देना चाहिए। यदि संभव हो तो संबंधित टीटीई का नाम भी शामिल करना चाहिए, जिससे जांच में आसानी हो। भारतीय रेलवे शिकायतों के निस्तारण के लिए तय प्रक्रिया का पालन करता है, और दुर्व्यवहार, नियमों के उल्लंघन या टिकट विवाद की स्थिति में यात्री अपने अधिकारों के तहत जांच की मांग कर सकते हैं।
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