एमपी का कल का मौसम, 13 जून : भिंड से सागर तक चलेंगी 60 KMPH की आंधी, 40 जिलों में अलर्ट मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 4
मध्य प्रदेश में 13 जून को मौसम का मिजाज बदलेगा और IMD ने कई जिलों में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात व तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। दतिया, भिंड समेत आठ जिलों में 60 किमी प्रति घंटे तक आंधी चल सकती है, जबकि मानसून 17 से 18 जून के आसपास प्रदेश में दस्तक दे सकता है।

मध्य प्रदेश में 13 जून को मौसम का रुख बदला हुआ नजर आ सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक इस दिन प्रदेश के बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की आशंका जताई गई है।

अस्थिर मौसम की वजह

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर के कारण प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। यही कारण है कि दिनभर उमस और गर्मी झेलने के बाद शाम होते-होते कई जिलों में तेजी से बादल बन रहे हैं और बारिश हो रही है।

गुरुवार को मुरैना सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि इस राहत के साथ खतरा भी बरकरार है, क्योंकि मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही मानसून अभी प्रदेश में नहीं पहुंचा हो, लेकिन उसकी अग्रिम गतिविधियां अब साफ दिखाई देने लगी हैं। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही बदला हुआ स्वरूप बने रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम लोगों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून

IMD के अनुसार 12 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्से तक पहुंच चुका है। विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में यह महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में और आगे बढ़ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में मानसून 17 से 18 जून के आसपास प्रवेश कर सकता है। इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में पूरे प्रदेश को इसके कवर करने की संभावना है।

इन जिलों में बारिश और गरज-चमक के आसार

मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर और पांढुर्णा सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारों की संभावना जताई है। इन जिलों में दोपहर बाद से शाम तक मौसम तेजी से करवट ले सकता है और कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।

8 जिलों में 60 KMPH तक आंधी का खतरा

दतिया, भिंड, मुरैना, सिवनी, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर वज्रपात और ओलावृष्टि की भी आशंका है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

40 से ज्यादा जिलों में झोंकेदार हवा

भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, दमोह और सागर समेत कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान कटाई, मड़ाई और खेतों में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवाओं और बारिश के दौरान कृषि उपकरण खुले में न छोड़ें। मौसम विभाग ने किसानों को नियमित रूप से मौसम अपडेट देखने की सलाह दी है।

बड़े शहरों में कैसा रहेगा हाल

भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। दोपहर बाद गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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