मध्य प्रदेश में मौसम का बड़ा अलर्ट: 43 जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी, बिजली गिरने से 6 की मौत मध्य प्रदेश 2 महीने पहले 102
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है और मौसम विभाग ने प्रदेश के 43 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस बीच, खराब मौसम और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने राज्य में जान-माल का भारी नुकसान किया है।

मानसून की सुस्त चाल और मौसम का मिजाज

मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद से ही इसकी सक्रियता में कमी देखी जा रही है। दक्षिण-पूर्वी हिस्से के लगभग 15 जिलों में दस्तक देने के बाद, मानसून की गति पिछले तीन दिनों से पूरी तरह से रुकी हुई है। मौसम विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के निवासियों को मानसून के आगे बढ़ने के लिए अभी 2 से 3 दिनों का और इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का यह कहना है कि जैसे ही वातावरण में मानसून के अनुकूल परिस्थितियां निर्मित होंगी, यह सबसे पहले भोपाल और उज्जैन की ओर रुख करेगा। इन क्षेत्रों को कवर करने के बाद मानसून धीरे-धीरे राज्य के अन्य हिस्सों में सक्रिय होगा। हालांकि, ग्वालियर और चंबल संभाग तक मानसून के पहुंचने में अभी काफी समय लगने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम के कहर से 6 लोगों की जान गई

राज्य के कई हिस्सों में खराब मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है। हाल ही में हुई घटनाओं में कुल 6 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। बालाघाट जिले में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने की एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 8 अन्य लोग झुलस गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वहां उनका इलाज चल रहा है।

वहीं दूसरी ओर, देवास जिले में भी आंधी और बारिश का जबरदस्त असर दिखा। तेज हवाओं के बीच एक मकान की बालकनी का हिस्सा ढह गया, जिसमें दबने से 2 महिलाओं की दुखद मौत हो गई। प्रशासन की टीमों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य संचालित किए।

43 जिलों में येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रदेश के 43 जिलों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को आगाह किया गया है कि वे खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। विशेष रूप से खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखने की सलाह दी गई है।

जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। साथ ही, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इन जिलों की सूची में अलीराजपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, छतरपुर, दमोह, जबलपुर, सिवनी, सतना, मैहर, उमरिया, रतलाम, धार, बड़वानी, उज्जैन, आगर-मालवा, इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल, सिहोर, हरदा, विदिशा, रायसेन, डिंडौरी, बालाघाट, मंडला, कटनी, पन्ना, रीवा, शहडोल, सीधी, अनूपपुर, मऊगंज और सिंगरौली शामिल हैं।

अगले दो दिनों का पूर्वानुमान

आने वाले दिनों के लिए मौसम का हाल कुछ इस प्रकार रहने की उम्मीद है:

  • 28 जून: प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव यानी लू का प्रकोप जारी रहने की आशंका है। कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना रहेगा, जो लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
  • 29 जून: इस दिन मौसम में बदलाव के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उम्मीद की जा रही है कि इस बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और आम जनता को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय-समय पर मौसम संबंधी अद्यतन जानकारी लेते रहें और प्रतिकूल परिस्थितियों के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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