मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट मध्य प्रदेश एक महीने पहले 77
मध्य प्रदेश में पिछले 9 दिनों से सुस्त पड़े मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है, जिससे प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मानसून की वापसी और नया अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून का एक लंबा दौर सुस्त रहने के बाद अब फिर से सक्रिय होने की तैयारी में है। मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 9 दिनों की खामोशी के बाद बादलों की सक्रियता दोबारा देखने को मिलेगी। राज्य के निवासियों के लिए राहत की बात यह है कि उमस और गर्मी के बीच अब बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो रहा है। विभाग ने शुक्रवार, 17 जुलाई के लिए विशेष चेतावनी जारी की है, जिसमें बालाघाट और डिंडौरी जिलों को भारी बारिश के लिहाज से संवेदनशील माना गया है।

31 जिलों में बरसेंगे बादल

भारी बारिश के अलर्ट के अलावा प्रदेश के कुल 31 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, कटनी, नरसिंहपुर, दमोह और सागर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। स्थानीय प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, विशेषकर आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों या बिजली के खंभों के आसपास न जाने की सलाह दी गई है।

19 जुलाई से मौसम में बड़ा बदलाव

मौसम विभाग का ताजा अपडेट बताता है कि मानसून की मुख्य वापसी 19 जुलाई से हो सकती है। इसके पीछे मुख्य कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर को बताया गया है। मानसून के फिर से गति पकड़ने के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ जाएगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी अब अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है, जो पिछले कई दिनों से केवल बादलों की आवाजाही और उमस का सामना कर रहे थे।

खेती और किसानों के लिए राहत

जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून का फिर से सक्रिय होना राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी खबर है। खरीफ की फसलों के लिए इस वक्त बारिश की बेहद आवश्यकता है, जिससे फसलों को सूखने से बचाया जा सके। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बारिश समय पर होती है, तो यह फसलों की पैदावार के लिए वरदान साबित होगी। हालांकि, प्रशासन ने भी भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति और यातायात पर पड़ने वाले असर को लेकर तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।

सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग की ओर से आम जनता को सलाह दी गई है कि वे मौसम की पल-पल की अपडेट पर नजर बनाए रखें। चूंकि कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की चेतावनी है, इसलिए पुराने पेड़ों के नीचे या कमजोर संरचनाओं के पास रहने से बचना चाहिए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही मानसून देर से पहुंचा और बीच में कुछ समय के लिए कमजोर पड़ गया था, लेकिन आने वाले कुछ दिन राज्य में सामान्य से अधिक बारिश की गतिविधियों के संकेत दे रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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