इटली के स्कूलों में बुर्का और नकाब पर लग सकता है प्रतिबंध, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बड़े बदलावों का किया ऐलान विश्व 2 घंटे पहले 5
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने और चेहरा ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाने का बड़ा प्रस्ताव पेश करने की घोषणा की है।

स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश की शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों का संकेत दिया है। हाल ही में रोम में अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ़ इटली' के युवा संगठन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घोषणा की कि वह अपनी सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश करने जा रही हैं। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के भीतर चेहरा ढकने वाले बुर्का और नकाब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना है। इस ऐलान के बाद इटली में एक नई बहस छिड़ गई है। वर्तमान में फ्रांस और चीन समेत दुनिया के 24 देशों में पहले से ही बुर्का और नकाब को लेकर इसी तरह के प्रतिबंध लागू हैं। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इसे कानून में बदलने के लिए संसद के दोनों सदनों से 60 दिनों के भीतर पारित कराना अनिवार्य होगा।

जॉर्जिया मेलोनी के तीन प्रमुख प्रस्ताव

प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने संबोधन के दौरान तीन स्पष्ट बिंदुओं पर आधारित प्रस्तावों का खाका पेश किया, जिसका उद्देश्य इटली की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और स्कूली व्यवस्था में सुधार करना है। उनके द्वारा प्रस्तावित प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • विदेशी छात्रों की सीमा: इटली के स्कूल और कॉलेजों की कक्षाओं में विदेशी मूल के छात्रों की संख्या को एक कानूनी सीमा के भीतर नियंत्रित किया जाएगा।
  • भाषा सीखना अनिवार्य: जो विदेशी छात्र इटली की स्कूल व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रहे हैं, उनके माता-पिता के लिए इतालवी भाषा की कक्षाएं लेना और उसे सीखना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
  • चेहरा ढकने पर रोक: स्कूलों के परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के बुर्के या नकाब के उपयोग पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जाएगी।

चुनाव से पहले लोकप्रियता और रणनीतिक कदम

जानकारों का मानना है कि 2027 में होने वाले आम चुनावों से पहले मेलोनी का यह कदम काफी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। मेलोनी ने हाल ही में इटली के युद्ध-बाद के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री के पद पर रहने का रिकॉर्ड कायम किया है। अपनी इस लोकप्रियता को 2027 के चुनाव तक बनाए रखने के लिए वह लगातार ऐसे संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दों पर जोर दे रही हैं जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय पहचान और माइग्रेशन से जुड़े हैं। मेलोनी यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि विपक्षी दल इन महत्वपूर्ण विषयों का लाभ उठाकर सत्ता में वापस न आ सकें।

सांस्कृतिक मूल्यों और नियमों का सम्मान

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में स्पष्ट शब्दों में कहा कि इटली में भविष्य संवारने के इच्छुक हर व्यक्ति को यहां की भाषा, संस्कृति और नियमों का पूर्ण सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि उनके स्वागत का यही एकमात्र गंभीर और सही तरीका है। मेलोनी ने कहा, 'जो भी इटली आना चाहता है, उसे हमारी भाषा सीखनी होगी और हमारे नियमों का पालन करना होगा।' उन्होंने नकाब पर प्रतिबंध का समर्थन करते हुए तर्क दिया कि स्कूल में चेहरे का खुला होना आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी महिला को किसी कथित परंपरा के नाम पर खुद को छिपाकर रखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। मेलोनी का यह रुख युवा वर्ग में काफी लोकप्रिय साबित हो रहा है और इस घोषणा के दौरान उन्हें युवाओं की तरफ से जबरदस्त समर्थन और तालियां मिलीं। अब देखना यह है कि यह प्रस्ताव कानूनी रूप कब धारण करता है और इसे संसद में किस तरह की प्रतिक्रिया मिलती है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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