मुज्तबा खामेनेई की बिगड़ी तबीयत, इजरायली मीडिया का दावा- अस्पताल में भर्ती विश्व एक घंटा पहले 2
इजरायली मीडिया ने ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बड़े दावे किए हैं। सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत नाजुक है और उनके निधन की खबर कभी भी आ सकती है।

मुज्तबा खामेनेई की नाजुक स्थिति को लेकर बड़े दावे

ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इजरायली मीडिया चैनल C14 ने ईरान के अंदरूनी सूत्रों का हवाला देते हुए सनसनीखेज दावा किया है कि खामेनेई की सेहत बेहद खराब है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। जेरूसलम पोस्ट की एक पुरानी रिपोर्ट, जिसमें ईरानवायर और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की सरकार से जुड़े सूत्रों का जिक्र था, उसके आधार पर यह कहा गया है कि ईरानी सत्ता के शीर्ष गलियारों में उनके जीवन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जेरूसलम पोस्ट से जुड़े एक सूत्र ने तो यहां तक कह दिया है कि यदि जल्द ही उनके शहीद होने की सूचना मिलती है, तो इसमें किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।

पद संभालने के बाद से सार्वजनिक उपस्थिति से दूरी

28 फरवरी को अपने पिता के मारे जाने के बाद, अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमलों के बीच मुज्तबा खामेनेई ने सुप्रीम लीडर के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। पद संभालने के बाद से ही वे पूरी तरह से जनता की नजरों से दूर हैं। उनकी तरफ से जो भी संवाद हो रहे हैं, वे केवल लिखित बयानों के जरिए ही किए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे उस शुरुआती हमले में घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता का ठिकाना निशाना बना था। माना जा रहा है कि उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। यही कारण है कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिए गुप्त स्थानों पर रहना पड़ रहा है और वे सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे जुड़ने के बजाय बिचौलियों के एक जटिल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ईरान में नहीं होने की अटकलें

उनकी स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी सरकारी टीवी पर एक साक्षात्कार के दौरान यह स्वीकार किया कि इस समय मुज्तबा खामेनेई से सीधे संपर्क करना काफी चुनौतीपूर्ण है। उनकी कार्यक्षमता और वर्तमान स्थान को लेकर तमाम वैश्विक मीडिया आउटलेट्स ने चिंता जाहिर की है। जुलाई के महीने में, सऊदी अरब के समाचार संस्थान अल-हदाथ ने एक इजरायली सुरक्षा सूत्र के हवाले से दावा किया था कि खामेनेई वर्तमान में ईरान के भीतर मौजूद ही नहीं हैं। इसी दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला दावा किया था। ट्रंप का कहना था कि ईरान का शीर्ष सैन्य नेतृत्व लगभग नष्ट हो चुका है और सैन्य कार्रवाई के बाद से ही खामेनेई 90% तक खत्म हो चुके थे, जिसके चलते वे अब काम करने की स्थिति में नहीं हैं।

चोटों की गंभीरता पर संशय

ईरान के सरकारी अधिकारियों ने शुरुआत में उनकी चोटों को बहुत ही मामूली बताया था। हालांकि, उनके लाइव संबोधन न देने या जनता के सामने न आने की वजह से उनकी सेहत और देश के नेतृत्व की स्थिरता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। पश्चिमी देशों और विपक्षी खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का लगातार यह मानना है कि उन्हें ऐसी चोटें आई हैं जिन्होंने उनका चेहरा काफी हद तक बिगाड़ दिया है। यही वजह है कि वे सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं। हालांकि, ईरान का स्वास्थ्य मंत्रालय अभी भी इन दावों को खारिज कर रहा है और वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि वे अभी भी देश की रणनीतिक गतिविधियों और सैन्य ऑपरेशनों की निगरानी और दिशा-निर्देश देने का काम कर रहे हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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