होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त रुख, कहा- अमेरिका युद्ध से रास्ता नहीं खोल सकता विश्व एक महीने पहले 62
ईरानी सेना ने साफ कर दिया है कि होर्मुज पर अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं होगा। तेहरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि सैन्य दबाव के बजाय उसे ईरानी अधिकारों का सम्मान करना होगा।

तेहरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

ईरान की सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के मसले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए अमेरिका को दो टूक जवाब दिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने कहा है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर युद्ध के जरिए होर्मुज का रास्ता नहीं खोल पाएगा। ईरान का स्पष्ट मानना है कि अगर अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी मनमानी बंद करना चाहता है, तो उसे कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान तलाशना होगा। अकरमिनिया ने जोर देकर कहा कि होर्मुज के रास्ते को सामान्य करने का एकमात्र तरीका अमेरिका द्वारा ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करना और युद्ध समाप्ति से जुड़े समझौते की शर्तों का सख्ती से पालन करना है।

ईरानी जनता के सहयोग को सराहा

मंगलवार को तेहरान के दक्षिणी हिस्से में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने देश की सशस्त्र सेनाओं के प्रति नागरिकों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों से ईरानी जनता ने जिस तरह से सुरक्षा बलों का साथ दिया है, वह सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होंने इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य कमांडरों की शहादत पर गहरा शोक भी प्रकट किया।

समझौते के उल्लंघन का आरोप

अकरमिनिया ने अमेरिका पर युद्ध समाप्ति के समझौते का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ अमेरिका ने होर्मुज में नौवहन के लिए ईरान द्वारा तय की गई व्यवस्थाओं को स्वीकार किया था, लेकिन इसके बावजूद वह वहां एक नया शिपिंग मार्ग बनाने का प्रयास कर रहा है, जो समझौते के नियमों के खिलाफ है।

आखिरी सांस तक रक्षा का संकल्प

ईरानी सेना ने संकल्प लिया है कि वे होर्मुज में अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आखिरी सांस तक डटे रहेंगे। अकरमिनिया ने दोहरे अर्थों में कहा कि सैन्य आक्रामकता या शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के माध्यम से होर्मुज को कभी नहीं खोला जा सकेगा। ईरान की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि वे किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर तनाव

यह तनातनी उस समय और बढ़ गई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज पर अपना दावा जताया है। ट्रंप का कहना है कि इस मार्ग के मालिक हम हैं और उन्होंने वहां से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 फीसदी टैक्स लगाने की बात कही है। दूसरी ओर, ईरान लगातार इस बात पर अडिग है कि होर्मुज पर उसका संप्रभु अधिकार है और कोई भी शक्ति उसे इससे वंचित नहीं कर सकती।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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