इत्रों का बादशाह 'रूह इत्र': जानिए सबसे महंगा कौन-सा है, क्या है इसकी खासियत और कैसे होता है तैयार व्यापार 3 महीने पहले 39
कन्नौज की सदियों पुरानी परंपरा से बनने वाला रूह इत्र पूरी तरह प्राकृतिक होता है और इसकी कीमत लाखों रुपये तक पहुंचती है। जानिए इसे बनाने की तकनीक और इसकी अनोखी विशेषताएं।

इत्र नगरी के नाम से पहचाने जाने वाला कन्नौज अपनी सैकड़ों साल पुरानी इत्र बनाने की परंपरा के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां तैयार होने वाले तमाम इत्रों में एक ऐसा भी है, जिसे खास दर्जा हासिल है और जिसे इत्रों का बादशाह कहा जाता है। यह है रूह इत्र। मिट्टी की सोंधी महक और फूलों के शुद्ध अर्क से बनने वाला यह इत्र न सिर्फ खुशबू बिखेरता है, बल्कि गर्मियों में ठंडक का अहसास भी कराता है। साधारण इत्रों के मुकाबले इसकी कीमत इतनी ज्यादा होती है कि सुनकर हैरानी होना स्वाभाविक है।

कितनी है रूह इत्र की कीमत

रूह गुलाब की कीमत 20 से 22 लाख रुपये तक जा पहुंचती है। कई दूसरे रूह इत्र 10 से 15 लाख रुपये में बिकते हैं, जबकि एक बेहद दुर्लभ रूह इत्र की कीमत 50 लाख रुपये से भी अधिक होती है।

कैसे तैयार होता है रूह इत्र

कन्नौज के पारंपरिक कारीगर रूह इत्र बनाने के लिए सदियों पुरानी डेग-भभका-भट्टी वाली हाइड्रो डिस्टिलेशन तकनीक अपनाते हैं। तांबे की डेग में फूल, पानी और खास जड़ी-बूटियां डालकर धीमी आंच पर कई घंटों तक पकाया जाता है। इस दौरान उठने वाली भाप को बांस की नलियों के जरिए दूसरे बर्तन में भेजा जाता है, जहां ठंडी होकर वह खुशबूदार तेल का रूप ले लेती है।

गर्मियों के मौसम में रूह खस सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। यह खस की जड़ों से बनता है और इसकी महक सोंधी मिट्टी जैसी होती है। वहीं रूह गुलाब, गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया जाता है, जिसकी खुशबू नाज़ुक, मीठी और ताजगी से भरी होती है।

खासियत क्या है

रूह इत्र पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से, बिना किसी केमिकल के बनाया जाता है। यही वजह है कि इसकी कीमत आम इत्रों से कहीं अधिक होती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसकी जबरदस्त मांग बनी रहती है।

क्या कहते हैं इत्र व्यापारी

इत्र व्यापारी निशीष तिवारी के अनुसार, कन्नौज के कारीगर पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस कला को सहेजते आ रहे हैं। उनका कहना है कि रूह इत्र सिर्फ एक खुशबू नहीं, बल्कि कन्नौज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है, और यहां बनने वाले हर इत्र की अपनी अलग पहचान और विशेषता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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