एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: इंदौर मेट्रो का बजट बढ़ा, 31 किमी रूट की कुल लागत अब 12,889 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश एक महीने पहले 21
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इंदौर मेट्रो के लिए 5,388 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी गई, जिससे परियोजना की कुल लागत करीब 12,889 करोड़ रुपये हो गई है। बैठक में भोपाल में साइबर सिक्योरिटी सेंटर समेत कई अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 16 जून 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, जनकल्याण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी मंत्री चैतन्य कश्यप ने दी। इसी दौरान सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 16 जून की रात 12 बजे तक कर दिया, जिसके बाद सामान्य तबादले नहीं किए जा सकेंगे।

इंदौर मेट्रो को मिली 5,388 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि

बैठक का सबसे अहम फैसला इंदौर मेट्रो रेल परियोजना से जुड़ा रहा। संशोधित रूट, कुछ हिस्सों के भूमिगत होने और समय के साथ बढ़ी लागत को देखते हुए कैबिनेट ने 5,388 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को स्वीकृति दी है। इस मंजूरी के बाद परियोजना की कुल लागत बढ़कर करीब 12,889 करोड़ रुपये हो गई है।

यह मेट्रो रूट 31 किलोमीटर लंबा है और इसके 2030-31 तक पूरी तरह संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

भोपाल में बनेगा साइबर सिक्योरिटी सेंटर

सरकार ने भोपाल में एक साइबर सिक्योरिटी सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। इसका मकसद जागरूकता कार्यक्रमों, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी ढांचे के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, सुचारू प्रशासन के लिए कर्मचारियों के ट्रांसफर पोर्टल की समय सीमा एक दिन बढ़ाकर मध्यरात्रि तक कर दी गई है।

24,200 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को हरी झंडी

कैबिनेट ने 24,200 करोड़ रुपये की योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी। इनमें प्रोजेक्ट टाइगर और श्रमिक कल्याण योजनाएं शामिल हैं। साथ ही आदिवासी छात्रों की शिक्षा के लिए 687 करोड़ रुपये और रेशम उत्पादन (सेरीकल्चर) को बढ़ावा देने के लिए 639 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य कृषि, उद्योग और रोजगार को गति देना है।

20 से अधिक बेड वाले अस्पतालों के लिए पीपीपी मॉडल

स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहल के तहत 20 से अधिक बेड वाले 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल का पायलट प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। यह योजना रीवा, देवास और गुना जिलों में लागू होगी। इसके तहत निजी ऑपरेटर विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध कराएंगे, जबकि राज्य सरकार दवाओं की व्यवस्था करेगी और अस्पतालों का स्वामित्व अपने पास ही रखेगी।

सरकार ने एक नई नीति को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत धर्मार्थ ट्रस्ट, धार्मिक संस्थाओं और सीएसआर फंड के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सरकार भूमि और पूंजीगत अनुदान देगी, ताकि छोटे जिलों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सकें। इस संबंध में दिशानिर्देश तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय मंत्री समिति गठित की जाएगी।

प्रधानमंत्री को बधाई और नक्सल मुक्ति पर सराहना

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 साल और 4,399 दिन के कार्यकाल पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने नीति आयोग की हालिया बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें मध्य प्रदेश को तय समय से पहले नक्सल मुक्त बनने पर विशेष सराहना मिली। बैठक में 21 जून को योग दिवस के मौके पर जबलपुर में प्रमुख कार्यक्रम आयोजित करने की भी जानकारी दी गई।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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