मध्य प्रदेश
3 घंटे पहले
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इंदौर मेट्रो का नया विजन
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड और राज्य सरकार ने मिलकर इंदौर के मेट्रो नेटवर्क को और अधिक विस्तारित करने की एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य इंदौर के आंतरिक मेट्रो तंत्र को पूरे मालवा अंचल के साथ मजबूती से जोड़ना है। इस विस्तार के माध्यम से इंदौर को उज्जैन, पीथमपुर, महू और देवास जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और धार्मिक केंद्रों के साथ सीधी मेट्रो और रैपिड रेल कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि आम लोगों के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक भी हो जाएगी।
हालिया उपलब्धियां और मौजूदा मेट्रो सेवा
इंदौर में मेट्रो रेल का आगाज एक बड़ी उपलब्धि के रूप में हुआ है। पिछले दिनों 5 सितंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संयुक्त रूप से 17 किलोमीटर लंबे मेट्रो मार्ग का औपचारिक उद्घाटन किया। इस खास अवसर पर दोनों नेताओं ने स्वयं मेट्रो में सवार होकर यात्रा का अनुभव भी लिया। इस शुरुआती कॉरिडोर के निर्माण पर कुल 2850 करोड़ रुपए की लागत आई है। वर्तमान में यह मेट्रो सेवा गांधी नगर स्टेशन से शुरू होकर मालवीय नगर चौराहा स्टेशन तक संचालित की जा रही है। मेट्रो के समय निर्धारण की बात करें तो, दोनों छोर से पहली ट्रेन सुबह नौ बजे रवाना होती है और अंतिम ट्रेन शाम सात बजे तक सेवा प्रदान करती है। यात्री सुविधा के लिए हर 15 मिनट में मेट्रो उपलब्ध है और यह ट्रेन प्रतिदिन 80 से ज्यादा फेरे लगा रही है।
उज्जैन तक रैपिड मेट्रो कॉरिडोर
सिंहस्थ 2028 के आयोजन को केंद्र में रखते हुए इस रीजनल रैपिड मेट्रो कॉरिडोर पर काम तेज गति से चल रहा है। लगभग 48 किलोमीटर लंबे इस रूट को बनाने का अनुमानित बजट 10000 करोड़ रुपए तय किया गया है। यह रूट इंदौर के लवकुश चौराहा और एयरपोर्ट क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जो इंदौर-उज्जैन 4-लेन हाईवे के समानांतर चलेगा और सीधा उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर स्टेशन तक पहुंचेगा। इस कॉरिडोर के बन जाने से महाकाल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन की राह बेहद आसान हो जाएगी।
पीथमपुर ऑटोमोबाइल हब के लिए खास कनेक्टिविटी
इंदौर शहर को पीथमपुर मेट्रो कॉरिडोर से जोड़ना एक बड़ी प्राथमिकता है क्योंकि यह प्रदेश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल और फार्मा हब यानी एसईजेड (SEZ) को सीधे शहर से जोड़ेगा। इस परियोजना को 2029-2030 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 30 से 35 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड ट्रैक येलो लाइन के राजेंद्र नगर स्टेशन से शुरू होकर राऊ होते हुए पीथमपुर एसईजेड और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क तक अपनी सेवाएं देगा।
महू और देवास के लिए मेट्रो विस्तार
शहर के विकास के क्रम में इंदौर से महू तक मेट्रो चलाने की भी योजना है, जिसे 2029-2031 के चरण के दौरान पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह 18 से 20 किलोमीटर का रूट एबी रोड के साथ-साथ वाई-शेप ट्रैक के जरिए महू तक पहुंचेगा। इसके अलावा, मास्टर प्लान के अंतिम चरण में औद्योगिक शहर देवास, विक्रम उद्योगपुरी और मक्सी जंक्शन को जोड़ने की व्यापक योजना है। इस कॉरिडोर की कुल दूरी लगभग 50 से 55 किलोमीटर होगी, जो देवास नाका से शुरू होकर मांगलिया और मक्सी रेलवे जंक्शन तक का सफर तय करेगी। इस प्रकार, इंदौर भविष्य में मालवा का सबसे प्रमुख मेट्रो जंक्शन बनने की दिशा में अग्रसर है।
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