इंदौर में आंधी-बारिश का खौफनाक मंजर, चलती कार पर गिरा 70 साल पुराना पेड़, डिप्टी डायरेक्टर की मां की मौत मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 4
मध्यप्रदेश के इंदौर में भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें एक पुरानी कार पर पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। हादसे के वक्त कार में चार लोग सवार थे जो इलाज कराकर घर लौट रहे थे।

इंदौर में बारिश का कहर और बड़ा हादसा

मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और खराब मौसम का असर अब इंदौर में भी साफ दिखाई दे रहा है। रीवा और सतना जैसे शहरों में तबाही मचाने के बाद, अब इंदौर में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर में मौसम के बिगड़े मिजाज के बीच एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एमजी रोड चौराहे के निकट लगभग 70 साल पुराना इमली का एक विशालकाय पेड़ सड़क पर दौड़ रही कार पर अचानक आ गिरा। पेड़ के गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरी कार उसके नीचे दब गई और भीतर सवार लोग बुरी तरह फंस गए। इस दुखद हादसे में एक वृद्ध महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य सवार लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मृतका नर्मदा विकास प्राधिकरण की डिप्टी डायरेक्टर पूर्णिमा सिंह की माता थीं।

इलाज कराकर घर लौट रहे थे पीड़ित

यह भयावह घटना एमजी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत दरगाह चौराहे के समीप घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते बरसों पुराना इमली का पेड़ जड़ से उखड़कर सीधे चलती कार पर जा गिरा। कार में कुल चार लोग सवार थे, जो पलासिया इलाके से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाली 75 वर्षीय राधा देवी अपनी आंखों का सफल इलाज कराने के बाद परिवार के साथ घर वापस लौट रही थीं। हालांकि, होनी को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह पेड़ उनकी कार पर आ गिरा। इस हादसे में 55 वर्षीय वैशाली जायसवाल नाम की एक महिला रिश्तेदार भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी

इस अनहोनी के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने फौरन मदद के लिए दौड़ लगाई और पुलिस को सूचित किया। घटना के समय नर्मदा विकास प्राधिकरण में पदस्थ डिप्टी डायरेक्टर पूर्णिमा सिंह एक आधिकारिक बैठक में व्यस्त थीं। जैसे ही उन्हें इस हादसे की सूचना मिली, वे तुरंत अपनी मीटिंग छोड़कर सीधे घटनास्थल की ओर दौड़ीं। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।

जेसीबी से किया गया रेस्क्यू

पेड़ का तना बेहद भारी और विशाल था, जिसके कारण कार के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती बन गया। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने शुरुआत में खुद मदद करने की कोशिश की, लेकिन पेड़ की भारी भरकम शाखाओं के चलते वे असफल रहे। इसके बाद नगर निगम की बचाव टीम ने पहुंचकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अंत में संभाग आयुक्त कार्यालय को सूचित किया गया और संयुक्त संचालक रजनीश कसेरा ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का मोर्चा संभाला। एक बड़े बचाव अभियान के दौरान जेसीबी की सहायता ली गई। जेसीबी के जरिए पेड़ के मुख्य तने को सावधानीपूर्वक काटकर हटाया गया और फिर मशीन की मदद से कार को पीछे खींचकर उसमें दबे लोगों को बाहर निकाला गया। तब तक बहुत देर हो चुकी थी और राधा देवी ने दम तोड़ दिया था।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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