वैश्विक कूटनीति के केंद्र में रहेगा भारत, सितंबर में पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर संभालेंगे कमान राष्ट्रीय राजनीति 3 घंटे पहले 5
सितंबर का महीना भारतीय कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है, जिसमें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक तक कई बड़े आयोजन शामिल हैं।

भारतीय कूटनीति का प्रभाव आज पूरी दुनिया में बहुत स्पष्ट रूप से महसूस किया जा रहा है। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की हालिया बैठक में भारत की बढ़ती कूटनीतिक धमक को पूरी दुनिया ने बड़े करीब से देखा। आने वाले समय में भारत स्वयं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिस पर वैश्विक समुदाय की गहरी निगाहें टिकी हुई हैं। सितंबर का पूरा महीना नई दिल्ली के लिए कूटनीतिक रूप से बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। इस पूरे महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुपक्षीय बैठकों में भागीदारी से लेकर भारत में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अहम विदेशी यात्राओं तक, भारतीय विदेश नीति से जुड़े कई ऐतिहासिक घटनाक्रम देखने को मिलेंगे।

एससीओ समिट और प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताएं

भारत की कूटनीतिक गतिविधियों की शुरुआत 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के साथ हो चुकी है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन ने भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण को स्पष्ट कर दिया है। इस बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, आपसी जुड़ाव (कनेक्टिविटी), व्यापारिक रिश्ते और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग जैसे बेहद संवेदनशील और प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा की जा रही है। भारत की हमेशा से यह कोशिश रही है कि वह इस बहुपक्षीय मंच का उपयोग अपने रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए मजबूती से करे।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का भारत दौरा

सितंबर के कूटनीतिक कैलेंडर में एक और बेहद महत्वपूर्ण कड़ी बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का भारत दौरा है। वे 2 से 4 सितंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। भारत और यूरोपीय संघ के देशों के बीच साझेदारी को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिहाज से यह यात्रा अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है। इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, उन्नत तकनीक, रक्षा क्षेत्र में सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने पर चर्चा होगी। भारत के विशाल बाजार और बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता का यह मेल दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

भारत में आयोजित होने जा रहा ऐतिहासिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

सितंबर महीने का सबसे बड़ा कूटनीतिक आकर्षण भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन है। यह ऐतिहासिक सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस बेहद महत्वपूर्ण आयोजन में दुनिया के 20 से अधिक देशों के शीर्ष नेता और उच्च स्तरीय प्रतिनिधि हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचेंगे। वर्तमान समय में जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण बहुत तेजी से बदल रहे हैं, ब्रिक्स का मंच भारत के लिए वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के देशों की चिंताओं और उनकी प्राथमिकताओं को मुखरता से उठाने का एक बड़ा माध्यम बनेगा।

इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान कई अहम मुद्दों पर गहन मंथन होने की उम्मीद है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था और सतत आर्थिक विकास की दिशा में किए जाने वाले प्रयास।
  • विकासशील देशों के बीच आपसी व्यापार और निवेश को सुगम बनाने के तरीके।
  • ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए समझौतों और हरित ऊर्जा के विकल्पों पर चर्चा।
  • एक ऐसी बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का निर्माण करना जहां सभी देशों के संप्रभु हितों का सम्मान हो।

भारत इस मंच के जरिए विकासशील देशों के वास्तविक हितों और अपनी खुद की रणनीतिक प्राथमिकताओं को दुनिया के सामने रखने का हरसंभव प्रयास करेगा।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका और पोलैंड की यात्रा

इसी महीने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी अपनी विदेश यात्राओं के जरिए भारत की कूटनीति को वैश्विक पटल पर आगे बढ़ाएंगे। उनके संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के वार्षिक सत्र में भाग लेने के लिए अमेरिका के न्यूयॉर्क जाने की प्रबल संभावना है। इस यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों में वे दुनिया भर के प्रमुख नेताओं और विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। भारत के एजेंडे में यूक्रेन का संघर्ष, पश्चिम एशिया का संकट, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और वैश्विक आर्थिक चुनौतियां जैसे ज्वलंत मुद्दे शामिल रहेंगे। इसके साथ ही, विदेश मंत्री की पोलैंड यात्रा भी प्रस्तावित है, जो मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ भारत के बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप