राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
3
विचारों
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक साझेदारी
भारत और जापान ने हाल ही में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच हुए एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते के तहत अब वे मिलकर नौसेना के आधुनिक युद्धपोतों का निर्माण करेंगे। यह साझेदारी रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को दर्शाती है।
भारत ने जापान के सामने रखी यह बड़ी शर्त
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी के समक्ष एक बेहद महत्वपूर्ण और स्पष्ट शर्त रखी। भारतीय पक्ष ने जापानी नेतृत्व को चेतावनी दी कि वे अपनी किसी भी उन्नत सैन्य तकनीक या उपकरण को पाकिस्तान के साथ साझा न करें। भारत का यह रुख क्षेत्रीय सुरक्षा और तकनीकी सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर माना जा रहा है।
एक्यू खान का पुराना इतिहास बना वजह
भारत की इस सख्त हिदायत के पीछे पाकिस्तानी परमाणु वैज्ञानिक एक्यू खान का विवादित और खतरनाक इतिहास मुख्य कारण है। अतीत में एक्यू खान ने अवैध और छद्म रास्तों का इस्तेमाल करते हुए जापानी उपकरणों को हासिल किया था। बाद में उन्होंने उन उपकरणों और संवेदनशील परमाणु तकनीक को उत्तर कोरिया जैसे देशों को बेच दिया था। भारत नहीं चाहता कि ऐसी कोई भी चूक दोबारा दोहराई जाए, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हो।
Comments
0 comment