संयुक्त राष्ट्र में भारत की दो टूक, पाकिस्तान को बताया आतंकवाद का पोषक विश्व एक महीने पहले 55
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। भारतीय राजदूत ने पड़ोसी देश पर आतंकवाद को सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया।

पाकिस्तान पर भारत का कड़ा प्रहार

भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को उसकी करतूतों के लिए आईना दिखाया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक उच्च स्तरीय खुली बहस के दौरान, भारत ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की जमकर आलोचना की। इस बार मुद्दा सीमा पार आतंकवाद का था, जिसे भारत ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की राज्य नीति (State Policy) का एक उपकरण करार दिया। अमेरिका में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद का इस्तेमाल करना बंद होना चाहिए। साथ ही उन्होंने फिर से दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट और अविभाज्य अंग है और इसमें बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल

राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे महत्वपूर्ण मंच का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि बहस का विषय 'प्राकृतिक संसाधन शासन: शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नींव' था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे अपने झूठे नैरेटिव फैलाने का माध्यम बना लिया। राजदूत ने जोर देकर कहा कि हमारी इच्छा तो इन मामलों को यहां न उठाने की थी, लेकिन पाकिस्तान की ओर से फैलाई जा रही भ्रामक बातों का जवाब देना जरूरी हो गया था।

जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और रहेगा। यह एक संवैधानिक और कानूनी सच है जिसे पाकिस्तान जानबूझकर नजरअंदाज करता है। जम्मू-कश्मीर से जुड़ा सिर्फ लंबित मुद्दा पाकिस्तान की तरफ से भारत के संप्रभु क्षेत्र पर की गई खुली आक्रामकता और अवैध कब्जा है: राजदूत पार्वथानेनी हरीश

आतंकवाद और सिंधु जल संधि

सिंधु जल संधि के संदर्भ में बात करते हुए भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान अपनी सरजमीं से सीमा पार आतंकवाद को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करना बंद नहीं करता, तब तक आपसी सद्भावना और भरोसे की उम्मीद करना बेकार है। उन्होंने कहा कि सहयोग के लिए माहौल का सकारात्मक होना जरूरी है, जो पाकिस्तान की राज्य प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों के कारण खराब हो चुका है।

पाकिस्तान को खुद के गिरेबान में झांकने की सलाह

अपने संबोधन के अंत में राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह दूसरों पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपने घर की समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि भारत पर उंगली उठाने की कोशिश करने के बजाय, पाकिस्तान को अपने आंतरिक मामलों और अपने नागरिकों की भलाई के लिए काम करना चाहिए। भारत ने इससे पहले भी कई मौकों पर पाकिस्तान को यह चेतावनी दी है कि सीमा पार आतंकवाद फैलाने के गंभीर परिणाम उसे भुगतने होंगे।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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