महाराष्ट्र में बनेगा देश का पहला अनोखा ऑफशोर एयरपोर्ट, समुद्र के बीच से उड़ान भरेंगे विमान व्यापार 2 महीने पहले 68
भारत का पहला ऑफशोर एयरपोर्ट महाराष्ट्र में समुद्र के भीतर एक कृत्रिम द्वीप पर बनाने की योजना है, जिससे मुंबई महानगर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिलेगी।

समुद्र के ऊपर खड़ा होगा भारत का नया हवाई अड्डा

भारत का विमानन क्षेत्र जल्द ही एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने की ओर अग्रसर है। महाराष्ट्र में देश के पहले ऑफशोर हवाई अड्डे के निर्माण की रूपरेखा पर काम शुरू हो गया है। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह जमीन पर नहीं, बल्कि समुद्र के भीतर एक मानव निर्मित कृत्रिम द्वीप पर तैयार किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने का आदेश दे दिया है। उम्मीद है कि यह हवाई अड्डा न केवल हवाई यातायात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र यानी MMR की आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई गति प्रदान करेगा।

ऑफशोर एयरपोर्ट क्या है और इसकी खासियत

ऑफशोर एयरपोर्ट एक ऐसी अनूठी संरचना है जिसे समुद्र के बीचों बीच कृत्रिम द्वीप बनाकर विकसित किया जाता है। दक्षिण कोरिया, हांगकांग और जापान जैसे देशों में इस तकनीक का उपयोग पहले से ही किया जा रहा है। भारत में जमीन की सीमित उपलब्धता को देखते हुए यह विकल्प काफी प्रभावी साबित हो सकता है, जिससे भविष्य में आधुनिक हवाई अड्डों का विकास बिना किसी भूमि विवाद या कमी के हो सकेगा।

पालघर के कोरे बीच के पास प्रस्तावित है एयरपोर्ट

इस हवाई अड्डे के लिए पालघर जिले में स्थित कोरे बीच के निकट का स्थान चुना गया है। इस महत्वाकांक्षी हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता करीब 9 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रोजेक्ट के साथ उत्तन-विरार सी लिंक को जोड़ने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करें, ताकि मुंबई से एयरपोर्ट तक यात्रियों के लिए तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।

अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर होगा सकारात्मक प्रभाव

यह परियोजना केवल एक हवाई अड्डा बनाने तक सीमित नहीं है। इसे अन्य प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के साथ एकीकृत किया जा रहा है, जिसमें प्रस्तावित वधावन पोर्ट, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन और नया सड़क नेटवर्क शामिल है। इस एकीकृत विकास से वसई-विरार, पालघर और उत्तरी मुंबई के क्षेत्रों में निवेश के नए द्वार खुलेंगे और रोजगार के ढेरों अवसर पैदा होंगे। विकास की दृष्टि से जो इलाके अब तक पिछड़े माने जाते थे, उन्हें इस प्रोजेक्ट के बाद नई पहचान मिलेगी।

रियल एस्टेट और रोजगार के अवसर

वधावन पोर्ट के जरिए अकेले 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। जब इतनी बड़ी संख्या में कार्यबल यहाँ आएगा, तो उनके लिए आवास, चिकित्सा, शिक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं की मांग बढ़ेगी। इस मांग के चलते वसई-विरार और पालघर जैसे इलाकों में रियल एस्टेट क्षेत्र को जबरदस्त फायदा मिलेगा। जानकारों का कहना है कि जिस प्रकार नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की घोषणा के बाद आसपास के रियल एस्टेट बाजार में उछाल आया था, वैसा ही असर इस प्रोजेक्ट के बाद आने वाले वर्षों में भी देखने को मिलेगा।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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