राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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नियंत्रण रेखा पर फिर नापाक साजिश
सीमा पार से लगातार शांति भंग करने की कोशिशों के बीच पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर भारत में आतंकवादियों को दाखिल करने का घिनौना प्रयास किया गया है। नियंत्रण रेखा यानी एलओसी (LoC) पर तैनात भारतीय सेना के बहादुर जवानों ने अपनी तत्परता का परिचय देते हुए घुसपैठ की इस नापाक कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया है। पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग का भारतीय सुरक्षा बलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया है, जिसके बाद आतंकी अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए।
केरन सेक्टर में हुई घटना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के अंतर्गत आने वाले केरन सेक्टर की है। नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय जवानों ने सीमा के दूसरी तरफ संदिग्ध हलचल महसूस की, जिसके तुरंत बाद सेना पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई। घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों ने जब भारतीय जवानों पर गोलीबारी शुरू की, तो हमारे जांबाज सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। सेना की इस सख्त कार्रवाई के बाद इलाके को पूरी तरह सेनिटाइज करने के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है, जो अभी भी जारी है। सेना लगातार पूरे सीमावर्ती क्षेत्र पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
सर्दी से पहले घुसपैठ की फिराक में आतंकी
खुफिया एजेंसियों से मिल रही रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की धरती पर मौजूद लॉन्चपैड्स पर करीब 500 आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। भारतीय सुरक्षा बलों को मिली सटीक खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की मंशा इन आतंकवादियों को भारी बर्फबारी शुरू होने से पहले भारतीय सीमा के भीतर धकेलने की है। सुरक्षा जानकारों का मानना है कि सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले घुसपैठ करने के पीछे का कारण यह है कि बर्फ गिरने के बाद पहाड़ी रास्तों पर चलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। पाकिस्तान चाहता है कि ये आतंकी बर्फीले रास्तों की मुश्किलों का सामना करने से पहले ही भारतीय सीमा में सुरक्षित तरीके से दाखिल हो जाएं ताकि वे अपने नापाक इरादों को अंजाम दे सकें।
पाकिस्तान का नया पैंतरा और भारतीय सुरक्षा
सुरक्षा सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके (PoK) में मौजूद लॉन्चपैड्स पर इन दिनों गतिविधियों में काफी तेजी देखी गई है। यह इस बात का संकेत है कि आतंकवादी समूह सर्दी का मौसम शुरू होने से पूर्व एक बड़ा घुसपैठ का अभियान चलाने की तैयारी में हैं। खुफिया एजेंसियों के पास इस बात के ठोस इनपुट हैं कि पाकिस्तानी सेना ने इन आतंकवादियों को विशेष रूप से ऊंचे पहाड़ी इलाकों में रहने और चलने के लिए आधुनिक गियर और उपकरण मुहैया कराए हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भीषण ठंड और बर्फबारी के चरम समय के दौरान भी ये आतंकी एलओसी पार कर भारत में अपनी पैठ बना सकें।
सुरक्षा बलों की पैनी नजर
हालांकि, पाकिस्तानी सेना और आतंकियों की यह साज़िश भारतीय सुरक्षा बलों की सतर्कता के आगे बार-बार दम तोड़ रही है। भारतीय खुफिया एजेंसियां न केवल इन लॉन्चपैड्स पर नजर रख रही हैं, बल्कि सीमा के पास चल रही हर गतिविधि का विश्लेषण भी कर रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हालांकि लॉन्चपैड्स पर बढ़ी हुई हलचल को देखकर लग रहा है कि कोई बड़ी साजिश रची जा रही है, लेकिन सुरक्षा बल हर मोर्चे पर मुस्तैद हैं। यह भी हो सकता है कि पाकिस्तान इस तरह की गतिविधियों के जरिए सुरक्षा बलों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा हो। बहरहाल, सेना का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसी भी सूरत में किसी भी आतंकवादी को भारतीय सरजमीं पर कदम न रखने दिया जाए और सीमा की अखंडता को हर कीमत पर बरकरार रखा जाए।
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