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एक घंटा पहले
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दिल्ली में सियासी हलचल: राहुल गांधी का बड़ा मार्च
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज यानी रविवार को दिल्ली मार्च का आह्वान किया है। इस कार्यक्रम के तहत INDI गठबंधन के नेता पैदल मार्च निकालेंगे। यह विशाल जत्था दो अलग अलग स्थानों से रवाना होगा। मार्च के पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर INDI गठबंधन की एक मॉक पार्लियामेंट आयोजित की गई, जिसमें 19 विपक्षी दलों के 215 सांसद शामिल हुए। बैठक के दौरान राहुल गांधी और गठबंधन के अन्य नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला और उन पर 13 करोड़ से अधिक वोट हटाने का गंभीर आरोप लगाया। दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप मढ़ दिया है। आज रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली के लिए कांग्रेस ने 10 लाख लोगों को दिल्ली पहुंचने का न्योता दिया है। तैयारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देर रात प्रियंका गांधी ने खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दिल्ली पुलिस ने भी इस मेगा मार्च को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
दो प्रमुख स्थानों से शुरू होगा मार्च
इस बड़े आयोजन के लिए कांग्रेस के नेताओं का जमावड़ा मुख्य रूप से दो स्थानों पर केंद्रित रहेगा। पहला केंद्र 10 राजाजी मार्ग स्थित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का आधिकारिक आवास है और दूसरा केंद्र कॉन्स्टीट्यूशन क्लब है। अन्य राज्यों से आने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को रात में ही खरगे के आवास पर एकजुट कर लिया गया है। राहुल गांधी की टीम ने इस पूरी रणनीति को पहले ही अंतिम रूप दे दिया था। इसके बाद, मार्च में शामिल होने के लिए विपक्षी दलों का दूसरा जत्था कॉन्स्टीट्यूशन क्लब से अपने सफर की शुरुआत करेगा।
जंगल सफारी की खुली बसों का होगा इस्तेमाल
रणनीति के मुताबिक, सभी प्रमुख विपक्षी नेता खुली बसों में सवार होकर मिंटो रोड तक पहुंचेंगे। रोचक बात यह है कि कांग्रेस इन बसों को राजस्थान के रणथंभौर से दिल्ली लेकर आई है। ये वही खुली बसें हैं जिनका उपयोग जंगल सफारी के दौरान बाघ और शेर दिखाने के लिए किया जाता है। इन बसों को बैनर और पोस्टरों से सजाया गया है और इस पर काम युद्धस्तर पर जारी है। प्रत्येक बस में लगभग 20 सीटों की क्षमता है। आगे की सीटों पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बैठेंगे, जबकि उनके पीछे पार्टी के अन्य बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
राहुल गांधी करेंगे पदयात्रा
राहुल गांधी ने पूरे देश से करीब 10 लाख कार्यकर्ताओं को दिल्ली बुलाया है, जिनमें हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सीधे रामलीला मैदान पहुंचें। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए सोशल मीडिया पर एक विस्तृत रोडमैप साझा किया गया है। मिंटो रोड से रामलीला मैदान की दूरी करीब 1 किलोमीटर है, जिसे राहुल गांधी सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ पैदल चलकर तय करेंगे। दिल्ली पुलिस के सामने भारी भीड़ को नियंत्रित करना आज सबसे बड़ी चुनौती होगी।
सुरक्षा के लिए 14 जोन में बंटा मैदान
पुलिस ने रामलीला मैदान की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था की है। पूरे इलाके को 14 अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है। हर जोन की सुरक्षा जिम्मेदारी ACP रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है, जबकि हर 2 जोन की निगरानी के लिए एक DCP को तैनात किया गया है। सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के कुल 3,500 जवान तैनात रहेंगे। पूरे मैदान और आसपास के क्षेत्र की 200 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। एंट्री और एग्जिट पॉइंट के अलावा ट्रैफिक डायवर्जन पॉइंट्स पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। एक समर्पित कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे पूरे इलाके का इनपुट सीधे अधिकारियों को मिलेगा।
उपद्रवियों से निपटने की विशेष तैयारी
रैली के दौरान या बाद में किसी भी संभावित हंगामे, पथराव या टकराव की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा में पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियों को तैनात किया गया है। ड्यूटी पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों और पैरामिलिट्री जवानों को बॉडी कैमरे दिए गए हैं। पुलिस की गश्ती गाड़ियों और वैन पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, खुफिया विभाग के जवान सादी वर्दी में तैनात रहेंगे ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
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