राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
7
विचारों
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
अगस्त का महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, लेकिन मानसून की विदाई अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला बदस्तूर जारी है और 29 अगस्त को भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग यानी IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन अभी भी पूरी तरह सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर ओडिशा के तटीय इलाकों में एक नया लो प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। यह नया मौसमी सिस्टम आने वाले दिनों में पूर्वी भारत के राज्यों में बारिश की तीव्रता को और अधिक बढ़ाने वाला है।
ओडिशा में सबसे ज्यादा खतरा और अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 अगस्त के लिए सबसे अधिक चेतावनी ओडिशा के लिए जारी की है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश की प्रबल आशंका जताई गई है। इसके साथ ही हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। ओडिशा के लिए जारी अलर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बारिश का यह जोर 30 अगस्त को और भी भयावह हो सकता है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। राज्य के तटीय हिस्सों में 31 अगस्त से लेकर 3 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के निवासियों को भी आगामी दिनों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 29 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश का एक नया दौर देखने को मिल सकता है। वहीं, उत्तराखंड में मौसम और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। IMD ने 28 से 30 अगस्त के बीच राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अतिरिक्त, 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ विशेष इलाकों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 2 और 3 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। 29 अगस्त को राज्य में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
बिहार और झारखंड में मौसम का मिजाज
बिहार में 29 अगस्त को मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है और राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। 28 और 29 अगस्त को व्यापक बारिश के बाद 30 अगस्त से 3 सितंबर तक भी कुछ इलाकों में बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड में भी शनिवार का दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ेगा, जिससे वहां 29 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। कल से 31 अगस्त के बीच झारखंड के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है।
दिल्ली का मौसम और राहत की खबर
राजधानी दिल्ली के लिए 29 अगस्त को अपेक्षाकृत राहत भरा दिन रहने वाला है। फिलहाल दिल्ली में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि, मानसून ट्रफ दिल्ली के समीप से गुजर रही है और उत्तर हरियाणा के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बना हुआ है, इसलिए पूरी तरह शुष्क मौसम की उम्मीद कम है। दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ-साथ कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। फिलहाल के लिए, दिल्लीवासियों को भारी बारिश से राहत मिलने की पूरी संभावना है।
पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों का हाल
पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 28-29 अगस्त और फिर 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। 30 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की बात कही गई है। वहीं पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में जमकर बादल बरसेंगे। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर रहने का अनुमान है। 30 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।
मध्य भारत और पश्चिमी तट का पूर्वानुमान
मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त तक व्यापक बारिश हो सकती है, जिसमें 29 अगस्त का दिन काफी महत्वपूर्ण रहेगा। 28 अगस्त और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश का सिलसिला बना रहेगा। विदर्भ में 29 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। पश्चिमी तट पर कोंकण और गोवा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी छिटपुट स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश की स्थिति
दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक में बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल और माहे में 28-29 अगस्त तथा 2-3 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
समुद्री चेतावनी और मछुआरों के लिए निर्देश
मौसम विभाग ने समुद्री गतिविधियों को लेकर भी कड़ा निर्देश जारी किया है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश के तटीय इलाकों के समीप 29 अगस्त से समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। इसे देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की स्पष्ट सलाह दी गई है। कुल मिलाकर 29 अगस्त का दिन देश के बड़े हिस्से के लिए बारिश वाला रहने वाला है। ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल पर मौसम विभाग की विशेष नजर बनी हुई है।
Comments
0 comment