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एक दिन पहले
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संघीय एजेंसियों की कार्रवाई और सुरक्षा को लेकर चिंता
अमेरिकी संसद की सदस्य इल्हान उमर ने फैसला किया है कि वह अब वॉशिंगटन डीसी स्थित अपने घर को छोड़ देंगी। पिछले सप्ताह संघीय जांच एजेंसियों की ओर से उनके आवास पर की गई छापेमारी के बाद सांसद ने यह कदम उठाया है। इल्हान उमर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस सरकारी कार्रवाई के चलते उनके निजी निवास की ओर लोगों का ध्यान बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित और डरी हुई महसूस कर रही हैं। हालांकि, बुधवार को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया है। यह पूरी कानूनी कार्रवाई उनके परिवार के आव्रजन दस्तावेजों में कथित धांधली की जांच के दायरे में हो रही है।
परिवार के आव्रजन दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी की जांच
इस पूरे मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी एपी को बताया कि संघीय अधिकारी इल्हान उमर के पारिवारिक आव्रजन दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी की जांच कर रहे हैं। इस जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों ने उनके कई रिश्तेदारों को ग्रैंड जूरी के समक्ष पेश होने के लिए समन भी जारी किए हैं। घर पर हुई छापेमारी के बाद अपने पहले मीडिया बयान में इल्हान उमर ने अपनी बेगुनाही दोहराते हुए कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। वह मिनेसोटा से डेमोक्रेटिक पार्टी की एक मुखर और प्रगतिशील सांसद के रूप में जानी जाती हैं। वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तीखी आलोचना करने के लिए चर्चा में रहती हैं और अक्सर ट्रंप के निशाने पर भी रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी कई सार्वजनिक मंचों पर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सुबह 6 बजे का वह मंजर
इल्हान उमर ने एमएस नाउ के साथ हुई बातचीत में उस सुबह का जिक्र किया जब उन पर यह कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि वह सुबह लगभग 6 बजे सोकर उठी ही थीं कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के जांच अधिकारी उनके घर का दरवाजा जोर-जोर से पीटने लगे। इन अधिकारियों के पास तलाशी का वारंट था। उमर के मुताबिक, जांच टीम लगभग 4 से 5 घंटे तक उनके घर में मौजूद रही और इस दौरान उन्होंने कुल 17 सामान अपने साथ कब्जे में ले लिए। जब्त किए गए सामानों की सूची में मोबाइल फोन, नोटबुक, सोमाली भाषा में लिखी गई बच्चों की एक किताब और एक पुराना कैमरा भी शामिल था। उन्होंने बताया कि यह कैमरा उनके पति को किसी ने उपहार में दिया था।
न्याय विभाग का सीमित रुख
सांसद ने बताया कि जांच अधिकारी तलाशी के दौरान घर में काफी दखल दे रहे थे, लेकिन उनका व्यवहार शिष्ट था। वे जब्त की गई वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड बना रहे थे और तलाशी के बाद बाकी सामानों को वापस उनकी जगहों पर सही तरीके से रख रहे थे। इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से अभी तक बहुत सीमित जानकारी साझा की गई है। न्याय विभाग ने मात्र इतना कहा है कि यह एक आपराधिक जांच का हिस्सा है। विभाग ने जांच के आधार या किसी भी विशिष्ट आरोप के बारे में कोई आधिकारिक ब्यौरा नहीं दिया है। फिलहाल यही स्पष्ट है कि पूरी जांच उनके परिवार के आव्रजन दस्तावेजों में कथित धांधली के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
बचपन की घटनाओं पर उठते सवाल
इल्हान उमर का जन्म सोमालिया में हुआ था। वह महज 12 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ शरणार्थी के तौर पर अमेरिका पहुंची थीं। लगभग 5 साल के संघर्ष के बाद, वर्ष 2000 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता हासिल की। अपने साक्षात्कार के दौरान, उन्होंने अपनी उम्र का हवाला देते हुए इस जांच की तार्किकता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने तर्क दिया कि 12 साल की एक बच्ची पर आव्रजन सेवाओं को धोखा देने की ऐसी गहरी और चालाकी भरी साजिश रचने का आरोप लगाना बेहद हास्यास्पद लगता है। उन्होंने कहा कि हालांकि 12 साल के बच्चे समझदार होते हैं, लेकिन किसी बच्ची पर ऐसी साजिश रचने का आरोप लगाना बहुत बड़ी बात है।
चुनाव से पहले छापेमारी का समय
इल्हान उमर के घर पर हुई इस अचानक छापेमारी की अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक सांसदों द्वारा कड़ी आलोचना की जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई के समय को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह तलाशी 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के महज कुछ सप्ताह पहले हुई है। ये चुनाव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट के भविष्य और वहां किस पार्टी का वर्चस्व रहेगा, यह तय करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका में न्याय विभाग की परंपरा रही है कि वह चुनावों से ठीक पहले किसी भी उम्मीदवार के खिलाफ ऐसी खुली जांच करने से बचता है। यही वजह है कि छापेमारी के इस समय को लेकर राजनीतिक विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं।
मिनियापोलिस से फिर चुनावी मैदान में उमर
इल्हान उमर मिनेसोटा के जिस चुनावी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, वह डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ माना जाता है। वह आगामी मध्यावधि चुनाव में एक बार फिर सांसद पद के लिए मैदान में हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह अपनी सीट बचाने में सफल रहेंगी। घर की तलाशी और इसके बाद सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं उस वक्त सामने आई हैं जब पूरा देश मध्यावधि चुनावों की गहमागहमी में डूबा हुआ है।
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